

कुम्भ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, प्रशासनिक दक्षता की परीक्षा: मेलाधिकारी
हरिद्वार। कुम्भ मेला-2027 को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन के सभागार में संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि इस बार कुम्भ की तैयारियों में गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में सड़क, पुल, घाट निर्माण से लेकर पेयजल, विद्युत, स्वच्छता और पार्किंग तक सभी प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मेलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपनी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे हों। उन्होंने कहा कि कुम्भ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक दक्षता, आधारभूत संरचना और व्यवस्थागत क्षमता का भी परिचायक है। इसलिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएं।
सड़क, पुल और घाटों के निर्माण तथा सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेलाधिकारी ने परियोजना क्रियान्वयन इकाई, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को युद्धस्तर पर काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पूरा पालन हो और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
यूटिलिटी शिफ्टिंग वाले कार्यों को भी तुरंत प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। विद्युत, पेयजल और अन्य उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विभाग आपसी समन्वय से काम करें ताकि निर्माण में कोई बाधा न आए। अगर किसी परियोजना में प्रशासनिक या तकनीकी दिक्कत आती है तो उसे तुरंत उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने को कहा गया।
मेलाधिकारी ने उन कार्यों पर भी जोर दिया जिनमें एक से अधिक विभाग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि समन्वय के अभाव में कोई भी परियोजना लेट नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नियमित अंतरविभागीय समीक्षा की जाएगी।
कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। प्रवेश मार्गों, चौराहों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों को योजनाबद्ध तरीके से सजाया जाएगा। साथ ही सड़कों के किनारे बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और हरित विकास के काम कराए जाएंगे। प्रमुख मार्गों और संपर्क सड़कों पर उपयुक्त प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे और उनके रखरखाव की पुख्ता व्यवस्था होगी।
बैठक में पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पार्किंग और यातायात प्रबंधन जैसे मुद्दों की भी समीक्षा की गई। मेलाधिकारी ने कहा कि सभी सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से मेला शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए।
बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित पीआईयू, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी व अभियंता मौजूद रहे।

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