कबाड़ बीनने वाले निकले लखपति चोर! देहरादून में पॉश इलाके के बंद पड़े बंगलों को ऐसे बनाते थे निशाना

देहरादून। देहरादून के पॉश इलाकों में अगर आपको कोई कबाड़ बीनता हुआ दिखाई दे, तो सावधान हो जाइए! राजधानी की राजपुर पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है जो दिन में कबाड़ बीनने के बहाने बंद पड़े वीआईपी बंगलों की रैकी करता था और रात होते ही वहां हाथ साफ कर देता था। पुलिस ने इस गैंग के तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक लाख रुपये से अधिक की नकदी और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।

मामला मसूरी रोड स्थित मक्का वाला इलाके का है। बीती 26 जून को अजय सिंह नाम के व्यक्ति ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मालकिन (जो दिल्ली में रहती हैं) के मक्का वाला स्थित मकान का ताला तोड़कर चोरों ने बरामदे में रखी पीतल की दो बड़ी और कीमती मूर्तियां चुरा ली हैं। पुलिस ने तुरंत नए कानून के तहत धारा 305 ए BNS में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के सख्त निर्देशों के बाद थाना राजपुर पुलिस एक्शन मोड में आई। चौकी प्रभारी कुठाल गेट प्रवीण सैनी के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आखिरकार 10 जुलाई को सटीक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने भंडार गांव जंगल रोड के पास से घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार चोरों ने पुलिसिया पूछताछ में बताया कि वे शहर में कबाड़ बीनने का ढोंग करते थे ताकि किसी को शक न हो। इस दौरान वे उन घरों को चिन्हित करते थे जो काफी समय से बंद पड़े थे। 26 जून को चोरी की गई पीतल की कीमती मूर्तियों को उन्होंने आईएसबीटी देहरादून के एक कबाड़ी को बेच दिया था, जिससे मिले पैसों को उन्होंने आपस में बांट लिया था। फिलहाल सामान खरीदने वाला कबाड़ी दुकान बंद कर फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

पुलिस द्वारा पकड़े गए शातिर चोरों में पहला आरोपी जगदीप सिंह उर्फ जग्गी पुत्र सतनाम सिंह है, जिसकी उम्र 33 वर्ष है और वह कावली रोड शिवाजी मार्ग, थाना पटेल नगर, देहरादून का रहने वाला है। दूसरा आरोपी साकेंद्र उर्फ बुल्ला पुत्र टहल साहनी है, जिसकी उम्र 26 वर्ष है और वह मूल रूप से मसतासपुर थाना बिशनपुर दरभंगा, बिहार का निवासी है, जो वर्तमान में गांधी ग्राम, थाना पटेल नगर, देहरादून में रह रहा था। तीसरा आरोपी मुखलिद पुत्र जाकिर अली है, जिसकी उम्र 23 वर्ष है और वह मेहुवाला, थाना बसंत विहार, देहरादून का रहने वाला है।

गिरफ्तार किए गए इन तीनों शातिर अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस टीम ने चोरी की गई मूर्तियों को बेचने से मिली कुल 1,05,000 रुपये (एक लाख पांच हजार रुपये) की नगदी बरामद की है। इसके साथ ही उनके पास से बंद घरों के ताले तोड़ने में इस्तेमाल होने वाला एक आला नकब (लोहे का औजार) और ओप्पो कंपनी के 3 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

इस शानदार कामयाबी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में  चौकी प्रभारी प्रवीण सैनी, कांस्टेबल अमित और कांस्टेबल मोहित शामिल रहे, जिनकी मुस्तैदी की वजह से दून पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

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