

श्रीनगर (गढ़वाल) । हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में रविवार को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि दर्ज हुई, जब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने “Inclusive Growth, Livelihoods and Social Development in Uttarakhand” पुस्तक का औपचारिक अनावरण किया। इस अवसर को विश्वविद्यालय की शोधपरक गतिविधियों और अकादमिक उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
पुस्तक लोकार्पण समारोह में कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने पुस्तक के सभी संपादकों और योगदानकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के सामूहिक शैक्षणिक प्रयास विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहने चाहिए। समारोह के दौरान पुस्तक की एक प्रति विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय को भी भेंट की गई।
उत्तराखंड के विशिष्ट सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक परिप्रेक्ष्य पर आधारित यह पुस्तक समावेशी विकास, आजीविका और सामाजिक विकास से जुड़े विविध मुद्दों पर केंद्रित है। माना जा रहा है कि यह पुस्तक शोधार्थियों, शिक्षकों, नीति-निर्माताओं, विकास कार्यकर्ताओं तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।
इस पुस्तक का संयुक्त संपादन डॉ. रुक्मणी, डॉ. ओमीन पंत, डॉ. हिमशिखा गुसाईं तथा डॉ. ठाकुर देव पांडेय ने किया है। पुस्तक के निर्माण में डॉ. प्रेरणा त्रिवेदी, प्रो. राज बहादुर, डॉ. नेहा राज अनुज सिंह और डॉ. महेश कुमार सहित अनेक शोधार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
पुस्तक के संपादकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभागाध्यक्षों के सहयोग के प्रति आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाएगी। साथ ही, इससे युवा शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रेरणा मिलेगी।

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