

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना जनपद पौड़ी गढ़वाल में युवाओं के जीवन में नई राह लेकर आ रही है। कोटद्वार निवासी महेश कुमार इसकी जीती-जागती मिसाल हैं।
महेश कुमार ने शुरुआत में कई छोटे व्यवसाय किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2019 में उन्होंने एक छोटा रेस्टोरेंट शुरू किया जो धीरे-धीरे चलने लगा। लेकिन कोविड-19 महामारी में उनका कारोबार पूरी तरह बंद हो गया और आर्थिक संकट गहरा गया।
निराशा के दौर में महेश को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से नई उम्मीद मिली। 2022 में जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार के मार्गदर्शन में उन्हें योजना के तहत 10 लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया रेस्टोरेंट शुरू किया।
आज उनका रेस्टोरेंट सफलतापूर्वक चल रहा है। वार्षिक कारोबार 90 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस उद्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिला है।

महेश कुमार कहते हैं कि “अगर योजना का सहयोग और जिला उद्योग केंद्र का मार्गदर्शन नहीं मिलता तो कोविड के बाद दोबारा व्यवसाय शुरू करना संभव नहीं था। इस योजना ने आर्थिक मदद के साथ दोबारा आत्मविश्वास से खड़े होने का मौका दिया।”
महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन में पौड़ी जनपद ने लगातार तीन वर्षों से प्रदेश में प्रथम स्थान बनाए रखा है। हर साल शासन के लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है।
चालू वित्तीय वर्ष में जनपद को 725 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है। विभाग इसे समय सीमा में पूरा करने के लिए सक्रियता से काम कर रहा है। योजना के तहत जिम, रेस्टोरेंट, टैक्सी सेवा, ई-रिक्शा, फोटोग्राफी और लघु उद्योग जैसे कई उद्यम शुरू हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बने हैं।
महेश की कहानी इस बात का प्रमाण है कि स्वरोजगार की नीतियां युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बना रही हैं।

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