

24.95 लाख की ठगी के बैंक खाते और सिम बरामद
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक मुख्य सदस्य जियाउर गाजी (40) को पश्चिम बंगाल के नार्थ 24 परगना, हाबरा बाजार से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने देहरादून निवासी की कंपनी के बैंक खाते से लगभग 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। जांच में पता चला कि आरोपी कई व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते खोलकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग विवरण साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था। आरोपी के कब्जे से दो डेबिट/एटीएम कार्ड, तीन सिम कार्ड और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने बताया कि शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मृ0अ0सं0 14/2026, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। आंकड़ों के विश्लेषण और बैंकों व सेवा प्रदाताओं से प्राप्त डेटा के आधार पर टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया, जहां जियाउर गाजी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह करीब 12 खातों के अलावा अन्य लोगों के बैंक खाते तथा सिम/एटीएम कार्ड बनवाकर उन्हें साइबर ठगों को देता था और धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को चेक व एटीएम के जरिए निकासी कर लेता था।
आरोपी ने अपने नाम पर गाजी इंटरप्राइजेज के नाम से फर्जी फर्म बनाकर कई बैंकों में खाते भी खुलवाए थे। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी के IDBI बैंक खाते में प्रथम लेयर के रूप में ₹11.95 लाख ट्रांसफर हुए, जिन्हें बाद में INDUSIND व CENTRAL BANK में दूसरी-तीसरी लेयर में स्थानांतरित किया गया; INDUSIND बैंक से लगभग ₹7.00 लाख चेक द्वारा और शेष एटीएम से निकाले गये। बरामद सामग्री को सील कर कब्जे में लिया गया है और आरोपी के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है।
बरामद सामान में SBI व BOB के एक-एक डेबिट/एटीएम कार्ड, एक-एक VIVO व OPPO मोबाइल फोन, एक MICROMAX की-पैड फोन और तीन विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड शामिल हैं। पुलिस टीम में निरीक्षक आशीष गुसांई, उपनिरीक्षक रमन बिष्ट, अपर उपनिरीक्षक गोपाल सिंह और कांस्टेबल नितिन रमोला प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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