

देहरादून। स्मार्ट मीटरों की निष्पक्ष जांच और विवादित बिजली बिलों पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को निदेशक ऊर्जा विभाग से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रितेश छैत्री के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने कैंट विधानसभा क्षेत्र के उपभोक्ताओं की बढ़ती समस्याओं को विभाग के समक्ष रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं को अचानक अत्यधिक विद्युत बिल आ रहे हैं, जिससे उनमें आक्रोश है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि लगाए गए सभी स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही, जिन उपभोक्ताओं के बिल अत्यधिक बढ़े हैं, उनके मीटर और आपूर्ति की जांच कर आवश्यक सुधार किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में प्रमुख रूप से छह सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें दोषपूर्ण मीटरों को तुरंत बदलना, अत्यधिक वसूली गई राशि का समायोजन या वापसी, और मीटर जांच पूरी होने तक विवादित बिलों की वसूली पर रोक लगाना शामिल है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को बिल गणना की पारदर्शी जानकारी देने और स्मार्ट मीटर लगाने से पूर्व उन्हें प्रक्रिया से अवगत कराने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर रितेश छैत्री ने कहा कि बिजली उपभोक्ता किसी भी स्थिति में अनावश्यक आर्थिक बोझ का शिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने ऊर्जा विभाग से तकनीकी खामियों की जांच कर तत्काल राहत प्रदान करने की अपील की। कांग्रेस उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी और विभाग के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में संजय शर्मा, राजीव पुंज, अनुराग गुप्ता, चरणजीत कौशल, प्रमोद गुप्ता, दीवान बिष्ट, मुकेश चौहान, राम कुमार थपलियाल, अनिल नेगी, अनिल बस्नेत, राजेंद्र धवन, विजय शाही, कासिम चौधरी, मोहित मेहता, सतीश कुमार, गौरव वर्मा, मेहताब आलम, नितिन रावत व अरुण सिंह सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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