

रुड़की स्थित BEG एंड सेंटर की डाइविंग टीमें गंगा किनारे चौबीसों घंटे तैनात
रुड़की। कांवड़ मेला 2026 के दौरान गंगा नदी में डूबने से बचाव के लिए रुड़की स्थित बंगाल इंजीनियर ग्रुप एंड सेंटर (BEG) के कॉम्बैट इंजीनियरों और सेना के विशेष गोताखोरों ने अब तक 56 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बचाया है। सेना के जवान हरिद्वार में हर की पौड़ी और रुड़की में सोलानी पार्क जैसे जोखिम भरे इलाकों में 30 जुलाई 2026 से तैनात हैं और नदी के बढ़ते जलस्तर, भारी बारिश तथा खतरनाक अंडरकरंट के बीच लगातार बचाव कार्य कर रहे हैं।
मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) ऑपरेशन के तहत दो विशेष डाइविंग टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें प्रत्येक टीम में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर और सात अन्य रैंक के जवान शामिल हैं। ये टीमें मोटराइज़्ड रेस्क्यू बोट और आवश्यक बचाव उपकरणों से लैस होकर तेज़ बहाव के बीच लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। 11 अगस्त 2026 तक कुल 56 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचाया जा चुका है और बचाव कार्य अभी भी जारी है।
BEG और सेंटर रुड़की ने जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों और स्थानीय कंट्रोल रूम के साथ समन्वय स्थापित कर भीड़भाड़ वाले घाटों पर मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया। सेना के अनुसार सीमाओं की सुरक्षा उनकी मुख्य जिम्मेदारी होने के बावजूद हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशिक्षित जवानों को तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है। यह नागरिक-सैन्य सहयोग की एक बेहतरीन मिसाल मानी जा रही है।

सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बढ़ता जलस्तर, तेज़ बहाव और खराब मौसम उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते। सेना ने कहा कि चाहे सीमाओं की सुरक्षा हो या देश के भीतर नागरिकों की रक्षा, बंगाल सैपर्स गंगा किनारे चौबीसों घंटे तैनात रहकर अपने आदर्श वाक्य “सेवा सर्वोपरि” (Service before self) का पालन करते रहेंगे।

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