‘वोट काटने की साजिश ?’ मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस का हंगामा, गणेश गोदियाल पहुंचे निर्वाचन आयोग

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ी का आरोप

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और एक ही व्यक्ति द्वारा सैकड़ों आपत्तियां दर्ज कराए जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में गणेश गोदियाल ने बताया कि राज्य में 29 मई 2026 से शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया के तहत 14 जुलाई 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया गया था, जिसके बाद 13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल करने का समय तय किया गया था। हालांकि, फॉर्म-10 के आंकड़ों के विश्लेषण से बेहद गंभीर और चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में 30 जुलाई, 6 अगस्त और 10 अगस्त को शिकायत दर्ज कराने के बावजूद बार-बार सामूहिक रूप से फॉर्म-7 दाखिल करने का सिलसिला जारी है, जिससे मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के बीएलए-2 द्वारा किए गए स्थलीय सत्यापन में सामने आया कि जिन मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज की गई हैं, वे वास्तव में अपने घोषित पतों पर ही निवास कर रहे हैं। इसके अलावा, कई मामलों में एक ही व्यक्ति द्वारा विभिन्न बूथों और विधानसभा क्षेत्रों में 50 से लेकर 150 से अधिक आपत्तियां ऑनलाइन दाखिल की गई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत निर्वाचन नामावली से संबंधित झूठी घोषणाएं करना दंडनीय अपराध है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि एक ही आपत्तिकर्ता द्वारा दर्ज की गई सामूहिक आपत्तियों की तत्काल जांच कराई जाए और प्रामाणिकता सिद्ध न होने पर ऐसी आपत्तियों को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज किया जाए। साथ ही केवल ऑनलाइन फॉर्म-7 के आधार पर किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए और बीएलओ द्वारा अनिवार्य रूप से फील्ड सत्यापन कराया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में गणेश गोदियाल के अलावा राजेंद्र शाह, अमेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. प्रतिमा सिंह, संदीप चमोली, राकेश नेगी, विनोद कुमार, सुरभि शाह, डिंपल और नितिन बिष्ट समेत कई कांग्रेस पदाधिकारी शामिल रहे।

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