

गाजियाबाद। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड के प्रख्यात पत्रकार और राज्य आंदोलनकारी व्योमेश जुगरान के गाजियाबाद जनपद स्थित वसुंधरा के आवास पर पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने व्योमेश जुगरान के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उनकी पत्रकारिता और राज्य आंदोलन में दिए गए योगदान की सराहना की।
गौरतलब है कि व्योमेश जुगरान उत्तराखंड की पत्रकारिता जगत की एक जानी-मानी शख्सियत हैं। उन्होंने ही सबसे पहले उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शीर्ष नेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी को नवभारत टाइम्स में प्रकाशित अपने एक लेख के माध्यम से “उत्तराखंड के गांधी” के रूप में पहचान दिलाई थी। यह लेख उस समय राज्य आंदोलन में सक्रिय कार्यकर्ताओं और आम जनमानस के बीच व्यापक रूप से चर्चित हुआ था और इंद्रमणि बडोनी की छवि को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उत्तराखंड के इतिहास में इस उपाधि का विशेष महत्व है, क्योंकि इंद्रमणि बडोनी को राज्य आंदोलन के प्रमुख प्रेरणास्रोत और जनआंदोलन के अगुवा नेता के रूप में याद किया जाता है।

धीरेंद्र प्रताप की इस मुलाकात को केवल एक शिष्टाचार भेंट के रूप में नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पत्रकारिता और राज्य आंदोलन की विरासत के प्रति सम्मान प्रकट करने वाले भाव के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान दोनों के बीच उत्तराखंड की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को लेकर भी बातचीत हुई।
व्योमेश जुगरान लंबे समय से उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों पर लेखन और पत्रकारिता करते आ रहे हैं और राज्य आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है। धीरेंद्र प्रताप ने इस मौके पर कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले पत्रकारों और आंदोलनकारियों का सम्मान करना उनकी प्राथमिकता है।

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