हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर भाजपा का पलटवार, कांग्रेस पर लगाया समाज को बांटने की राजनीति का आरोप

देहरादून । हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस द्वारा इस मामले को दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव से जोड़कर भाजपा पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच भाजपा ने पलटवार करते हुए घटना से पार्टी का किसी भी स्तर पर संबंध होने से इनकार किया है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर बिना तथ्यों के मामले को राजनीतिक और जातीय रंग देने का आरोप लगाया।

केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि भाजपा किसी भी ऐसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती और पार्टी की विचारधारा सामाजिक समरसता तथा संविधान के प्रति निष्ठा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में हुए कथित शुद्धिकरण यज्ञ से भाजपा का कोई संबंध नहीं है, ऐसे में कांग्रेस द्वारा इसे भाजपा से जोड़ना तथ्यहीन राजनीति है। टम्टा ने कांग्रेस पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय घटना को राजनीतिक लाभ के लिए जातीय विवाद का रूप देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शुद्धिकरण यज्ञ में अनुसूचित जाति के लोग भी शामिल रहे थे।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आरोपों को ‘सफेद झूठ’ करार देते हुए कहा कि संबंधित धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने वाली संस्था का भाजपा या सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को जातिवादी रंग दे रही है। रेखा आर्य ने कहा कि संसद में किसी घटना को तथ्यात्मक स्थिति के विपरीत प्रस्तुत करना देवभूमि की छवि और सामाजिक सौहार्द के लिए चिंताजनक है।

वहीं कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि आयोजन से भाजपा का कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने भी इसे धार्मिक आयोजन बताते हुए भाजपा से संबंध से इनकार किया है। खजान दास के अनुसार, आयोजक संस्था ने कांग्रेस की रैली के दौरान कथित धार्मिक नारों और सनातन धर्म के अपमान के विरोध में अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हवन-यज्ञ किए जाने की बात कही है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक विरोध तथ्यों के आधार पर करना चाहिए और धार्मिक आयोजन को भाजपा से जोड़कर भ्रम पैदा करने से बचना चाहिए। उनका कहना है कि प्रदेश की सामाजिक एकता और सौहार्द को बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। भाजपा ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के लिए सामाजिक एवं धार्मिक मुद्दों को विवाद का रूप देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी कोशिशों को जनता स्वीकार नहीं करेगी।

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