

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन में ध्वजारोहण किया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों, अमर शहीदों एवं राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। राज्यपाल ने कहा कि उनके त्याग, तपस्या और बलिदान से प्राप्त स्वतंत्रता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
राज्यपाल ने कहा कि देश की सीमाओं पर विषम एवं दुर्गम परिस्थितियों में राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा में तैनात वीर सैनिकों को पूरा देश सलाम करता है। बर्फीले क्षेत्रों, पर्वतीय इलाकों और कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र सेवा में समर्पित इन जवानों के प्रति प्रत्येक भारतीय कृतज्ञ है।
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों और संकल्पों को दोहराने का भी दिन है। प्रत्येक नागरिक को आत्ममंथन करना चाहिए कि वह राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के लिए क्या योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘राष्ट्र सर्वाेपरि’ की भावना को अपने जीवन का आधार बनाते हुए हमें देशहित में निरंतर कार्य करना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और विश्वगुरु भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना पूरे देश का सामूहिक संकल्प है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने ‘नशामुक्त युवा’ के संकल्प को भी जन-जन का अभियान बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में प्रत्येक व्यक्ति, परिवार, समाज और विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

राज्यपाल ने उत्तराखण्ड की महिला शक्ति और युवाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। प्रदेश की लगभग तीन लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने महिला शक्ति को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां शिक्षा, शोध और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं, उत्तराखण्ड के युवा उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक प्रौद्योगिकी और नवाचार को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा और भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह, डॉ. ए. के. सिंह एवं लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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