विष्णुगाड-पीपलकोटी हादसे के मुआवजे को लेकर भड़का आक्रोश, टीएचडीसी परियोजना स्थल पर मजदूरों का हंगामा

चमोली। विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल में हुए हादसे के बाद सोमवार को परियोजना स्थल पर मजदूरों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आठ श्रमिकों की मौत और दो के अब भी लापता होने की घटना के बाद प्रस्तावित राहत राशि को लेकर लोगों ने सरकार और परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मौके पर सुरक्षा कर्मियों से धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी और आपदा मंत्री मदन कौशिक को प्रदर्शनकारियों के विरोध और घेराव का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को एक लाख रुपये की सहायता पर्याप्त नहीं है। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी अथवा परियोजना में रोजगार देने की मांग उठाई।

बड़ी संख्या में श्रमिक और स्थानीय लोग परियोजना स्थल पर जुटे और काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। उनका कहना था कि सुरंगों में काम करने वाले मजदूर बेहद जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए सुरक्षा इंतजामों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रदर्शनकारियों ने परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था का स्वतंत्र ऑडिट कराने और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।

मुआवजे को लेकर नाराजगी उस समय और बढ़ गई, जब टीएचडीसी की ओर से मृतकों के परिजनों को पांच लाख और घायलों को एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि दिए जाने संबंधी पत्र की जानकारी सामने आई। लोगों ने इसे हादसे की गंभीरता को देखते हुए अपर्याप्त बताया और सरकार से राहत पैकेज पर पुनर्विचार करने की मांग की।

स्थानीय स्तर पर यह आशंका भी जताई जा रही है कि क्षेत्र में जल विद्युत परियोजनाओं से जुड़े डंपिंग जोन के कारण प्राकृतिक जलस्रोतों के प्रवाह में बदलाव हादसे की परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्राकृतिक झरनों के पानी के पूर्व निर्धारित मार्ग में बदलाव हुआ है और बरसात के दौरान यह पानी सुरंग के आसपास जमा होने की संभावना है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

गौरतलब है कि 13 अगस्त को टनल में पानी और मलबा भरने से आठ मजदूरों की मौत हुई थी, जबकि दो की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 14 अगस्त को घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। सांसद अनिल बलूनी ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। विपक्षी दल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने टीएचडीसी व प्रदेश सरकार से उचित मुआवज़ा देने की मांग करते हुए सुरक्षा मानकों की जांच की भी माँग की है।

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