

नई दिल्ली। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा कर दी है। इस वर्ष खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेलों को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। अर्जुन पुरस्कार 2025 के लिए कुल 17 खिलाड़ियों के नाम चुने गए हैं, जबकि एक खिलाड़ी को अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम) से सम्मानित किया जाएगा।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों का उद्देश्य खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को पहचान देने के साथ उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। पुरस्कारों के लिए इस बार ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे और खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा संस्थाओं को समर्पित पोर्टल के माध्यम से सीधे आवेदन करने की सुविधा दी गई थी।
अर्जुन पुरस्कार के लिए खिलाड़ियों का चयन पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनकी नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए किया गया। चयनित 17 खिलाड़ियों में एथलेटिक्स से तेजस्विन शंकर, मोहम्मद अजमल वी और प्रियंका गोस्वामी शामिल हैं। बैडमिंटन में ट्रीसा जॉली और पल्लेला गायत्री गोपीचंद को पुरस्कार मिलेगा।
बॉक्सिंग में नरेंद्र, शतरंज में विदित संतोष गुजराती और दिव्या जितेंद्र देशमुख, डेफ शूटिंग में धनुष श्रीकांत को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। हॉकी से लालरेमसियामी और राजकुमार पाल, जबकि कबड्डी से सुरजीत और पूजा इस सम्मान के हकदार बने हैं।
पैरा-शूटिंग में रुद्रांश खंडेलवाल, पैरा एथलेटिक्स में एकता भ्याण, रोइंग में अरविंद सिंह और शूटिंग में अखिल श्योराण को भी अर्जुन पुरस्कार 2025 दिया जाएगा।
अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम) के लिए फुटबॉल के आई. अरुमैनायगम का चयन हुआ है। यह सम्मान ऐसे खिलाड़ियों को दिया जाता है, जिन्होंने सक्रिय खेल करियर के बाद भी खेलों के विकास और प्रोत्साहन में योगदान जारी रखा है।
द्रोणाचार्य पुरस्कार 2025 की नियमित श्रेणी में एथलेटिक्स के परवीर सिंह, बॉक्सिंग के छोटे लाल यादव और शूटिंग की नेहा नंदकुमार चव्हाण को चुना गया है। वहीं लाइफटाइम श्रेणी में बॉक्सिंग के धर्मेंद्र सिंह यादव और कुश्ती के वीरेंद्र कुमार को सम्मान मिलेगा।
खेलों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025 प्रदान किया जाएगा।
इन पुरस्कारों के चयन के लिए गठित समिति की अध्यक्षता भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा ने की। समिति में प्रतिष्ठित खिलाड़ी, खेल पत्रकारिता से जुड़े विशेषज्ञ और खेल प्रशासक भी शामिल रहे। समिति ने प्राप्त आवेदनों और खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों के प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद पुरस्कारों की सिफारिश की, जिसके आधार पर सरकार ने इन नामों को मंजूरी दी।

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