

देहरादून। देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई दुस्साहसिक फायरिंग की घटना में पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। कॉलेज के पुराने विवाद में सुलगी बदले की आग के चलते इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पूरे जिले में की गई घेराबंदी का नतीजा यह रहा कि वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार के साथ एक अभियुक्त को धर दबोचा गया, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुरानी रंजिश और गोलियों की गूंज
पूरी कहानी की परतें तब खुलीं जब पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू की। घायल साहिल के साथी अंशुल (निवासी शिकारपुर, मंगलौर) ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनका गुरमीत नाम के युवक के साथ पुराना विवाद चला आ रहा था। इसी रंजिश के तहत गुरमीत अपने साथियों—रोहित, अमन और एक अन्य—के साथ पहुँचा और हमला बोल दिया।
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने जो खुलासा किया, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था:
- पहला हमला: हमलावरों ने सबसे पहले आईटीएस कॉलेज रोड पर आदित्य, सुजल और उनके दोस्तों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, लेकिन उस वक्त किस्मत से कोई शिकार नहीं हुआ।
- बदले की ज्वाला और पीछा: पहली फायरिंग के बाद जब मौके पर भीड़ जुटने लगी, तो हमलावर अपनी स्विफ्ट कार से भाग निकले। लेकिन बाइक सवार आदित्य और उसके दोस्तों ने उनका पीछा करना नहीं छोड़ा।
- सेंट ज्यूडस चौक पर दूसरा हमला: जैसे ही कार शिमला बाईपास रोड स्थित सेंट ज्यूडस चौक पर पहुँची, कार सवार गुरमीत ने दोबारा पिस्टल तानकर सीधा फायर झोंक दिया। इस बार गोली सीधे साहिल के कंधे में जा धंसी और वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी कार चमकाते हुए फरार हो गए।

नया गांव बैरियर पर बिछा पुलिस का जाल
कंट्रोल रूम से जैसे ही पूरे शहर और सीमावर्ती चौकियों पर रेड अलर्ट जारी हुआ, पुलिस की सघन चेकिंग अभियान रंग लाई। भागने की फिराक में लगे आरोपियों में से एक को पुलिस ने नया गांव बैरियर के पास नाकाबंदी कर कार समेत दबोच लिया।
- गिरफ्तार अभियुक्त: रोहित (पुत्र प्रदीप सिंह, निवासी सहारनपुर, यूपी), जो फिलहाल देहरादून के सुभारती कॉलेज में होटल मैनेजमेंट का छात्र है।
- बरामदगी: वारदात में इस्तेमाल की गई हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार (HR-51-AZ-0890)।
कानूनी शिकंजा और पुलिस की दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कोतवाली पटेलनगर में धारा 109 / 3(5) / 352 (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के मुख्य सूत्रधार गुरमीत और उसके बाकी फरार साथियों की गर्दन तक पहुँचने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का साफ़ कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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