

₹1,200 प्रतिमाह विज्ञापन राशि पर पुनर्विचार और पारदर्शी, समान मानकों वाली नीति लागू करने की मांग
देहरादून। पत्रकारों और न्यूज़ पोर्टलों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार से टेंडर प्रक्रिया समाप्त कर एक स्थायी, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ विज्ञापन नीति लागू करने की मांग की गई है। डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था छोटे और स्वतंत्र न्यूज़ पोर्टलों के लिए व्यावहारिक नहीं है। इसलिए विज्ञापन आवंटन की प्रक्रिया को सरल, स्पष्ट और समान अवसर पर आधारित बनाया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में न्यूज़ पोर्टलों के लिए निर्धारित ₹1,200 प्रतिमाह की विज्ञापन राशि अपर्याप्त है। सरकार को इस राशि पर तत्काल पुनर्विचार करते हुए पत्रकारों और न्यूज़ पोर्टलों के संचालन, संसाधनों तथा कार्यभार को ध्यान में रखकर उचित विज्ञापन दरें निर्धारित करनी चाहिए।
मुख्य मांगें
- पत्रकारों और न्यूज़ पोर्टलों के लिए वर्तमान टेंडर प्रक्रिया समाप्त कर स्थायी विज्ञापन नीति लागू की जाए।
- ₹1,200 प्रतिमाह की विज्ञापन राशि पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।
- विज्ञापन आवंटन में सभी पात्र पत्रकारों और न्यूज़ पोर्टलों को समान अवसर सुनिश्चित किया जाए।
- विज्ञापन दरें प्रसार, पहुंच, सामग्री की गुणवत्ता, नियमितता और डिजिटल प्रभाव जैसे स्पष्ट एवं वस्तुनिष्ठ मानकों के आधार पर तय की जाएं।
- छोटे और स्वतंत्र न्यूज़ पोर्टलों के लिए सरल, पारदर्शी और मानकीकृत पंजीकरण एवं विज्ञापन व्यवस्था बनाई जाए।
- विज्ञापन आवंटन और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
- पत्रकारों के सम्मान, अधिकारों और स्वतंत्र कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए विज्ञापन नीति की व्यापक समीक्षा की जाए।
डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। छोटे और स्वतंत्र न्यूज़ पोर्टल सीमित संसाधनों के बावजूद स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं और जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से सामने लाते हैं। ऐसे संस्थानों के लिए अव्यावहारिक टेंडर प्रक्रिया और अपर्याप्त विज्ञापन राशि उनके अस्तित्व तथा स्वतंत्र पत्रकारिता दोनों को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पत्रकार संगठनों और न्यूज़ पोर्टल प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर नई विज्ञापन नीति तैयार की जाए। नीति में स्पष्ट पात्रता मानदंड, समान अवसर, समयबद्ध भुगतान और अपील की प्रभावी व्यवस्था शामिल होनी चाहिए।
सरकार को पत्रकारों और न्यूज़ पोर्टलों के लिए टेंडर आधारित अस्थायी व्यवस्था समाप्त कर पारदर्शी, स्थायी और समान मानकों वाली विज्ञापन नीति लागू करनी चाहिए। ₹1,200 प्रतिमाह की राशि पर तत्काल पुनर्विचार, विज्ञापन आवंटन में समान अवसर और वस्तुनिष्ठ दर निर्धारण पत्रकारिता के सम्मान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।

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