

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस ने अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक तथाकथित पत्रकार को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को पत्रकार बताकर एक व्यक्ति को झूठी खबर चलाने की धमकी दे रहा था और अब तक 3.5 लाख रुपये से अधिक की रकम वसूल चुका था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने मामले में कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनका जेल जाना तय है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ईस्ट हॉप टाउन (ठाकुरपुर लक्ष्मीपुर) निवासी राकेश कुमार ने कोतवाली प्रेमनगर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनके परिचित प्रकाश चंद की 250 गज जमीन पर 6 दुकानें बन रही थीं। इसी दौरान सहसपुर निवासी रजत सिंह (28 वर्ष) वहां पहुंचा और दुकानों को ‘गोल्डन फॉरेस्ट’ की जमीन पर बने होने की झूठी खबर अपने चैनल पर चलाने की धमकी देने लगा।
खबर दबाने और न प्रसारित करने के एवज में उसने पैसों की मांग की। डर के मारे पीड़ित ने अलग-अलग तारीखों में आरोपी को लगभग 2.5 लाख रुपये नकद और 97 हजार रुपये यूपीआई (UPI) के जरिए दे दिए।
5 लाख की रंगदारी और जान से मारने की धमकी
रकम ऐंठने के बाद भी आरोपी का पेट नहीं भरा। उसने अपने दो अन्य साथियों (जिन्हें वह पत्रकार बताता है) के साथ मिलकर पीड़ित को फोन पर गाली-गलौज करना शुरू कर दिया और 5 लाख रुपये की अतिरिक्त रंगदारी मांगी। पैसे न देने पर जान से मारने और झूठी खबर प्रसारित कर समाज में बदनाम करने की धमकियां दी जाने लगीं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पीड़ित की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने कोतवाली प्रेमनगर में मु०अ०सं०-176/26 के तहत धारा 3(3), 308(2), 351(2), 352 और 61(2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज किया।
एसएसपी के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए विवेचना अधिकारी ने इलेक्ट्रॉनिक व अभिलेखीय साक्ष्य जुटाए। सबूतों की पुष्टि होते ही मुख्य आरोपी रजत सिंह पुत्र ओमप्रकाश (निवासी सहसपुर) को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त रजत सिंह का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कोतवाली विकासनगर में भी विभिन्न धाराओं (मु०अ०सं०- 51/26) के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस का बयान: “मामले में नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न नहीं होगा, लेकिन अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

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