ज्योति रौतेला के नेतृत्व में न्याय की राखियां लेकर CM आवास पहुंचीं महिलाएं, अंकिता समेत बेटियों के न्याय की उठाई आवाज

अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय की मांग के साथ सरकार और CBI की कार्यशैली पर उठाए सवाल, गीत के माध्यम से मुख्यमंत्री को जगाने का प्रयास

देहरादून । रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड महिला कांग्रेस श्रीमती ज्योति रौतेला के नेतृत्व में प्रदेश महिला कांग्रेस की बहनों एवं 18 धर्मपुर विधानसभा की मातृशक्ति दर्जनों की संख्या में अंकिता भंडारी सहित प्रदेश की बेटियों और बहनों के न्याय की राखियां लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं। महिलाओं के पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर महिलाओं ने अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय दिलाने, सरकार की कथित उदासीनता और CBI जांच की अब तक सामने न आई प्रगति को लेकर सवाल उठाए। महिलाओं ने गीत के माध्यम से मुख्यमंत्री और सरकार को जगाने का प्रयास किया। गीत के भावपूर्ण बोलों में अंकिता भंडारी, नन्ही परी और प्रदेश की उन तमाम बेटियों-बहनों की पीड़ा को स्वर दिया गया, जो दुष्कर्म, हत्या और अन्य गंभीर अपराधों की शिकार हुई हैं।

महिलाओं का कहना था कि रक्षाबंधन पर हाथों में सजी राखियां केवल पर्व की रस्म नहीं, बल्कि सरकार से न्याय और जवाबदेही की मांग हैं। गीत के माध्यम से सरकार को यह संदेश दिया गया कि बेटियों के साथ होने वाले अन्याय पर अब प्रदेश की महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी।

गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई महिलाओं की आंखें नम हो गईं। इसके बाद महिलाओं ने अपने-अपने घरों से तैयार कर लाई गई अंकिता के न्याय की राखियां, रोली, मौली, धूप-दीप एवं मिठाई के साथ मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। काफी देर तक प्रयास के बावजूद जब मुख्यमंत्री महिलाओं से मिलने नहीं पहुंचे तो प्रशासन के अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड में पूर्ण न्याय, CBI जांच की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति को स्पष्ट करने तथा कथित VIP की पहचान और भूमिका से जुड़े सवालों का निष्पक्ष जांच के माध्यम से जवाब सामने लाने की मांग की गई। ज्ञापन में प्रदेश में बेटियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म, हत्या एवं अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाने, गंभीर मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में समयबद्ध सुनवाई कराने तथा महिला एवं बाल अपराधों की प्रभावी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि रक्षाबंधन बहन की रक्षा के संकल्प का पर्व है। आज उत्तराखंड की बहनें इसी संकल्प को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंची थीं, लेकिन उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में मौजूद राखियां सरकार से केवल एक भावनात्मक अपील नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा और न्याय का सवाल हैं।

ज्योति रौतेला ने कहा, “हम गीत के माध्यम से सरकार को जगाने आए हैं। अंकिता की राखी सरकार से सवाल पूछ रही है कि CBI जांच आखिर कहां तक पहुंची? जिस कथित VIP को लेकर प्रदेश की जनता लगातार सवाल पूछती रही है, उसकी सच्चाई कब सामने आएगी? सरकार इन सवालों का जवाब कब देगी?”

उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस किसी निर्दोष व्यक्ति को कटघरे में खड़ा करने की मांग नहीं कर रही है, लेकिन निष्पक्ष जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएं, उन्हें कानून के अनुरूप सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय मिलने तक महिला कांग्रेस की आवाज मजबूती से उठती रहेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की किसी भी बेटी के साथ अन्याय होता है तो उसकी आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक का दायित्व है। “हम चाहते हैं कि महिला और बाल अपराधों के गंभीर मामलों में जांच समयबद्ध हो, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय मिले। किसी मां-बाप को अपनी बेटी के न्याय के लिए वर्षों तक दर-दर भटकना न पड़े।” उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री को दी जाने वाली राखी अंकिता के साथ-साथ उत्तराखंड की हर बेटी के सम्मान, सुरक्षा और न्याय का प्रतीक है।

कार्यक्रम में आशा मनोरमा शर्मा, पुष्पा पंवार, चंद्रकला दीपा चौहान,रेखा ढींगरा,अनीता सकलानी, नंदिता गढ़िया, सीमा, विजया, अनुराधा, बबीता, पार्वती, सरस्वती नेगी, पिंकी पवार, विमला थपलियाल, शशि रावत, इंदु डोभाल, मसूरी खांकरियाल, शारदा चमोली एवं सरोजनी राणा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

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