

देहरादून। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), देहरादून की साइबर टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को पश्चिम बंगाल के जिला‑24 परगना से गिरफ्तार करके बड़े साइबर ठगी के पर्दे खोले हैं। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शेयर‑मार्केट और IPO में निवेश का झांसा देकर पीड़ितों से कुल करीब ₹68 लाख की ठगी की थी, जिनमें से ₹27.20 लाख आरोपित राकेश कुमार रजक के बैंक खाते में पहुंच गए थे।
प्रकरण की विवेचना के अनुसार साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में पंजीकृत मुकदमों (मु0अ0सं0 55/2025 व हस्तांतरित मु0अ0सं0 578/2025) में आरोप है कि आरोपी स्वयं को यूएसए और भारत में शेयर‑मार्केट से जुड़ा दिखाकर पीड़ितों को भारी मुनाफे का वादा कर विभिन्न खातों में धनराशि जमा करवाते थे। पहली कड़ियों में 16.10.2025 से 18.11.2025 के बीच विभिन्न खातों में कुल ₹47,63,537/- और अक्टूबर 2025 में दूसरे प्रकरण में ₹18,54,900/- जमा कराने के पुष्ट रिकॉर्ड मिले हैं।
जांच के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से Bank of Baroda खाता संख्या 00260200004876 जिसका नाम RAJAK & COMPANY दर्ज था, आरोपित राकेश कुमार रजक से जुड़ा पाया गया। इस खाते में क्रमशः ₹15,00,000/- और ₹12,20,000/- जमा होने के प्रमाण मिले, जिनका कुल योग ₹27,20,000/- होता है। उक्त खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें भी दर्ज हैं, जो खाते के दुरुपयोग की पुष्टि करती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राकेश के कब्जे से जब्त मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में उसके सहयोगी सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई के साथ हुई WhatsApp चैट मिली। चैट से यह स्पष्ट हुआ कि राकेश व सैयद खाते की नेट‑बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने तथा इसके एवज में कमीशन वसूलने की गतिविधियों में शामिल रहे। बैंक खाते में प्राप्त ठगी की रकम बाद में RTGS व अन्य माध्यमों से कई अन्य खातों में ट्रांसफर की गईं।
पश्चिम बंगाल में दबिश के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त:
1. राकेश कुमार रजक, उम्र 40 वर्ष, निवासी — 08 देशबन्धु रोड, वेस्ट बरानगर, कोलकाता।
2. सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई, उम्र 32 वर्ष, निवासी — एच‑99, रामनगर लेन, गार्डन रीच, कोलकाता।
दोनों को स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्रदान कर देहरादून लाया गया है। मामले में पहले से ही अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान हेतु कार्रवाई जारी है। एसटीएफ ने उल्लेख किया कि एक पीड़ित की लगभग ₹12,00,000/- होल्ड राशि की रिकवरी के संबंध में न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेज दिया गया है और धन की बरामदगी के लिए तकनीकी व बैंकिंग विवेचना लगातार जारी है।
एसटीएफ/साइबर टीम के मुख्य सदस्य: निरीक्षक राजेश सिंह (विवेचक), उ0नि0 हिम्मत सिंह, कानि0 सोहन बडोनी।
एसटीएफ ने जनता से आगाह किया है कि शेयर‑मार्केट, IPO या ऑनलाइन निवेश में असामान्य मुनाफे के लालच वाले संदेशों/कॉल/लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता निश्चत करें। साइबर अपराध की सूचना के लिए 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएँ।

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