“सरकार नहीं चाहती मजदूरों की आवाज उठे” – लेखराज का बड़ा हमला, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ट्रांजिट हॉस्टल में रोकी गईं आशा वर्कर्स, गेट पर ही जड़ा धरना — तहसीलदार ने लिया ज्ञापन

देहरादून। सीटू से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन का विधायकों को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब आशा वर्कर्स को ट्रांजिट हॉस्टल के बाहर ही रोक दिया गया। इससे नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल के गेट पर ही धरना शुरू कर दिया।

कुछ देर चले धरने के बाद तहसीलदार वीरेंद्र रावत मौके पर पहुंचे और आशा वर्कर्स से ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने सभी विधायकों तक ज्ञापन पहुंचाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त किया।

इस मौके पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने आशा वर्कर्स को हॉस्टल के भीतर न जाने देने की घटना को सरकार की तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं चाहती कि आशाओं सहित मजदूरों की समस्याओं को उचित माध्यम से उठाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार के इस रवैये के खिलाफ आंदोलन को और तीखा किया जाएगा।

इस अवसर पर शिवा दुबे, सुनीता चौहान, लोकेश देवी, कलावती चंदोला, नीरज यादव, नीरा कंडारी सहित बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स उपस्थित रहीं।

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