“दलितों के अपमान का इतिहास, फिर ‘शुद्धिकरण’ का नाटक!” – नबीन का राहुल पर बड़ा हमला, बोले “हल्द्वानी की पवित्र भूमि पर राजनीति रोटी सेकने का षड्यंत्र”

“वंदे मातरम कहने में शर्माती है कांग्रेस!” — 60 साल शासन वालों के अफवाह पर धामी का पलटवार

हल्द्वानी /देहरादून । भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नबीन ने कांग्रेस के ‘शुद्धिकरण’ वाले बयान को राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व का विभाजनकारी षड्यंत्र करार देते हुए जोरदार हमला बोला है। प्रदेश कार्यसमिति के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इसी हल्द्वानी की धरती से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक राजनीतिक खेल खेलने और षड्यंत्र रचने का काम किया है। यह उनकी विभाजनकारी राजनीति और सोच का परिचय है। वे इस उत्तराखंड की पवित्र भूमि को अपवित्र नहीं कर सकती, जहां के लोग अपने गुरुओं को, अपने देवी-देवताओं को पूजते हैं और जहां के लिए हर पत्थर में, कण-कण में शंकर बसा है। लेकिन उन्होंने राजनीति रोटी सेकने का प्रयास किया, जिस पवित्र भूमि से धर्म विशेष के नारे लगाए, इस पवित्र भूमि को अपमानित करने का काम किया। मैं इसको षड्यंत्र मानता हूं।

नबीन ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आपका इतिहास क्या कह रहा है? आपने सीताराम केसरी जी के साथ क्या किया। इनका इतिहास दलितों के अपमान का रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को जब चुनाव में हराने का काम किया, तो नेहरू जी ने बड़ी प्रसन्नता के साथ एडविन माउंटबेटन को एक पत्र लिखा था कि हम बाबा भीमराव अंबेडकर को चुनाव हराने में सफल हुए और यह हमारी बड़ी जीत है। जिन्होंने संविधान लिखने का काम किया, जिस दलित परिवार के बच्चे ने देश को एक दिशा दी, इस नेतृत्व ने उसे अपमानित करने का काम किया। बाबू जगजीवन राम जी को कांग्रेस ने दुर्व्यवहार करके पार्टी से बाहर निकालने को विवश किया, यही आपका इतिहास रहा है। अभी हाल ही में राजस्थान में कांग्रेस के अपने ही दलित समाज से आने वाले नगर अध्यक्ष को पार्टी नेताओं ने सरेआम पीटा और मारा। कर्नाटक में, जहां से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आते हैं, उन्हीं के राज्य में पूर्व विधायक आर. अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को PFI के दंगाइयों ने जलाकर राख कर दिया, लेकिन वोट बैंक और तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस के नेताओं ने एक आवाज नहीं उठाई। केरल में एक दलित महिला जनप्रतिनिधि पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला किया, लेकिन संविधान की दुहाई देने वाले राहुल गांधी वहां भी मुंह नहीं खोल पाए। जिनका इतिहास दलितों के अपमान का रहा है, वो कभी दलित का सम्मान नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि जब धारा 370 जम्मू-कश्मीर में लागू थी, तो वाल्मीकि समाज के बेटे-बेटियां भले ही एम.ए., पीएच.डी. कर जाएं, पर उनको सफाई कर्मचारी के रूप में ही काम करने के लिए विवश किया जाता था। यह कांग्रेस की सरकार की देन थी। वे आज कहते हैं कि हम दलितों का सम्मान करेंगे। आज दलितों का सम्मान किसी ने किया, तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया, जिन्होंने अंबेडकर जी के नाम पर पंचतीर्थ बनाकर आगे बढ़ाया।

सीमा सुरक्षा और सेना के सम्मान के मुद्दे पर नबीन ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब इसी भारत में सैनिकों के सर काट लिए जाते थे और दिल्ली में बैठी सरकार मौन रहती थी। लेकिन आज एक ऐसी सरकार है कि अगर कोई हमारे ऊपर ईंट फेंकता है, कोई हमला करता है, तो ईंट का जवाब पत्थर से देने का काम हमारी सरकार करती है। हमारे लिए एक-एक सैनिक का परिवार सम्मान का प्रतीक है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सोच में परिवर्तन आया है। आज सीमाओं पर पड़ने वाले गांव हमारे प्रथम गांव हैं और उनकी सुरक्षा और विकास के प्रति हमारी सरकार की पहली जवाबदेही है। आज सीमाओं तक पक्की सड़कें बनी हैं और चीन जैसे देश की हिम्मत नहीं है कि भारत की तरफ आंख उठाकर देख सके।

उन्होंने मुख्यमंत्री धामी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी कि भाजपा के विचार को आगे बढ़ाने का काम आपकी सरकार ने किया है। समान नागरिक संहिता को सबसे पहले लागू करने के लिए उत्तराखंड की जनता के साथ-साथ देश की जनता और भाजपा के लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं की तरफ से बधाई। महिलाओं के सम्मान, सरकारी सेवाओं में आरक्षण, सरकारी समितियों और सहकारी समितियों में महिलाओं की भागीदारी, शहीदों के आश्रितों को अनुग्रह राशि और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास योजना के तहत होम स्टे योजना जैसे निर्णयों से यहां के लोगों को सबल बनाने का काम हुआ है।

‘वंदे मातरम’ पर सबसे तीखा प्रहार करते हुए नबीन ने कहा कि हमारे लिए ‘नेशन फर्स्ट’, ‘पार्टी नेक्स्ट’ और ‘सेल्फ लास्ट’ है। लेकिन इस देश में ऐसे दल के लोग हैं जो ‘वंदे मातरम’ कहने में भी शर्मिंदगी महसूस करते हैं। राहुल गांधी बताएं, ‘वंदे मातरम’ का महत्व वे समझ ही नहीं सकते, क्योंकि उन्होंने भारतीय संस्कृति के महत्व को ही नहीं समझा, वे तो विदेशी संस्कृति में पले-बढ़े हैं। जिन्होंने ‘वंदे मातरम’ की गूंज पर हजारों-लाखों बलिदानियों ने देश की मिट्टी के लिए, आजादी के लिए अपना बलिदान दिया, उस ‘वंदे मातरम’ का पूरा गान करने से आपकी माता श्री और आपकी पार्टी अपमानित महसूस करती है। इस कांग्रेस को तो निश्चित रूप से समाप्त कर देना चाहिए।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से प्रदेश के चार लोगों को अपनी टीम में स्थान देने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा मात्र राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अणुव्रत अभियान है। राष्ट्र नायक मोदी के नेतृत्व में भारत समृद्ध, शक्तिशाली और गौरवशाली विरासत वाले देश के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि 60 वर्षों तक शासन करने वाली पार्टी अब देश और विदेश में झूठा भ्रम और अफवाह फैला रही है, हमें जनता के बीच जाकर उनका काला चेहरा बेनकाब करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का ही नतीजा है कि इस वर्ष अब तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालु चार धाम की यात्रा पर आ चुके हैं, जहां आदि कैलाश में 500 लोग भी नहीं पहुंचते थे, वहां इस वर्ष यह संख्या 60 हजार के पार पहुंच गई है। सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि अब समय आ गया है कि अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड लेकर घर-घर जाना है और 2027 की जीत को निश्चित करना है।

Static 1 Static 1
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments