पुरानी पेंशन प्रकरण को लेकर मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला

देहरादून । मातृ-शिशु एवं कल्याण संगठन की महिला कार्मिकों के पुरानी पेंशन योजना (OPS) से संबंधित प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF), उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव श्री सीताराम पोखरियाल के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की।

शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष लगभग 86 महिला एनएम (ANM) कार्मिकों के पुरानी पेंशन से जुड़े प्रकरण को विस्तारपूर्वक रखा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इन कार्मिकों की नियुक्ति वर्ष 2004 में जारी विज्ञप्ति के आधार पर वर्ष 2006 में हुई, लेकिन इन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाया। जबकि समान परिस्थितियों एवं समान नियुक्ति वाले स्वास्थ्य विभाग तथा उत्तराखंड के अन्य विभागों के कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है। इस कारण समान सेवा परिस्थितियों में कार्यरत इन कार्मिकों के साथ गंभीर पेंशन विसंगति उत्पन्न हो रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबंधित शासनादेशों, पूर्व विज्ञप्ति एवं नियुक्ति अभिलेखों के आधार पर प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर पात्र कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने का अनुरोध किया।

एनपीएस और यूपीएस के स्थान पर ओपीएस की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि एनपीएस और यूपीएस की व्यवस्था बाजार आधारित निवेश एवं अंशदान से जुड़ी होने के कारण कर्मचारियों के भविष्य की पेंशन को लेकर अनेक अनिश्चितताएं पैदा करती है। वहीं पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित एवं नियमित पेंशन का भरोसा मिलता है, जिससे बुढ़ापे में जीवन-यापन और परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित रहती है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि हम आज युवा कर्मचारी नहीं, बल्कि अपनी सेवा का बड़ा हिस्सा पूरा कर चुके कर्मचारी हैं। वर्षों तक ईमानदारी से सरकारी सेवा करने के बाद बुढ़ापे में पेंशन हमारे लिए किसी निवेश का लाभ नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन जीने की सामाजिक सुरक्षा और बुढ़ापे की लाठी है। इसलिए हमारी स्पष्ट मांग है—एनपीएस नहीं, यूपीएस नहीं, केवल पुरानी पेंशन (OPS)।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि समान परिस्थितियों में कार्यरत सभी पात्र कार्मिकों को समान रूप से पुरानी पेंशन का लाभ देकर इस विसंगति का स्थायी समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिष्टमंडल की पूरी बात गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनी तथा संबंधित सचिव को प्रकरण की तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही। शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख के लिए आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि लगभग 86 महिला कार्मिकों की इस पेंशन विसंगति का शीघ्र न्यायोचित समाधान होगा।

शिष्टमंडल में हीरा ऐठानी, पार्वती खेतवाल, हरि बिष्ट एवं बिनाव बिष्ट, जनपद बागेश्वर तथा अमिता बिष्ट, लक्ष्मी बिष्ट, मधु रावत एवं सुजाता, जनपद पौड़ी आदि उपस्थित रहीं।

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