

देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) में चल रही संगठनात्मक उठापटक के बीच पार्टी को एक और झटका लगा है। रोजगार संघ के संयोजक और युवा प्रकोष्ठ से जुड़े अंशुल भट्ट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर चल रहे संगठनात्मक मतभेदों को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं।
अंशुल भट्ट का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब उक्रांद में वरिष्ठ नेता आशुतोष नेगी के निष्कासन और अर्जुन नेगी को पदमुक्त किए जाने को लेकर पार्टी के भीतर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, अंशुल भट्ट ने इस्तीफा किन विशेष कारणों से दिया, इस संबंध में उनकी ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आशुतोष नेगी के खिलाफ संगठन की कार्रवाई के बाद से ही यह मामला चर्चा में है। इसी बीच युवा प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारी अंशुल भट्ट के इस्तीफे ने उक्रांद की आंतरिक स्थिति को लेकर सवालों को और बढ़ा दिया है।
पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से संगठनात्मक निर्णयों को लेकर मतभेद सामने आने की चर्चा रही है। ऐसे में अंशुल भट्ट का इस्तीफा खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह युवा प्रकोष्ठ और रोजगार से जुड़े संगठनात्मक दायित्वों से जुड़े रहे हैं।
इस्तीफे के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंशुल भट्ट सार्वजनिक रूप से अपने निर्णय के पीछे क्या कारण बताते हैं। साथ ही, आने वाले दिनों में पार्टी के अन्य पदाधिकारियों या कार्यकर्ताओं की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया या कदम सामने आता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
फिलहाल अंशुल भट्ट के इस्तीफे ने उक्रांद के भीतर चल रही संगठनात्मक चर्चाओं को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

Recent Comments