इंटेंसिव केयर सेंटर में खिलखिलाया बचपन: भिक्षावृत्ति से खेल मैदान तक

स्पोर्ट्स डे में बच्चों ने जीते पदक; अलकनंदा हाउस ओवरऑल चैंपियन

देहरादून। जिला प्रशासन के प्रयासों और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित राज्य के प्रथम आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में बाल दिवस के अवसर पर “स्पोर्ट्स डे 2025” का भव्य आयोजन किया गया। कभी सड़कों पर भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी या कूड़ा बीनने में मजबूर रहे बच्चे अब शिक्षा और खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन की इस पहल ने सड़क पर बिखरे मायूस बचपन को मुख्यधारा से जोड़कर नई दिशा देने का काम किया है।

इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों को चार सदनों—नंदा (लाल), अलकनंदा (हरा), पिंडर (पीला) और त्रिशूल (नीला)—में विभाजित किया गया है। स्पोर्ट्स डे की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और चारों सदनों की आकर्षक मार्च-पास्ट परेड से हुई। इसके बाद बच्चों ने पीटी डिस्प्ले और स्वागत नृत्य के जरिए अपनी ऊर्जा और उत्साह का प्रदर्शन किया।

खेल स्पर्धाओं में बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया। छोटे बच्चों की लेमन रेस में सुनाक्षी (नंदा) ने रजत और ब्यूटी व शिवानी (अलकनंदा/पिंडर) ने कांस्य जीता। इसी वर्ग की दूसरी स्पर्धा में आर्यन (अलकनंदा) ने स्वर्ण, तन्नू (पिंडर) ने रजत और मनप्रीत (त्रिशूल) ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। सैक रेस में करण (त्रिशूल) ने कांस्य हासिल किया।

100 मीटर बालक वर्ग में लक्ष्मण (त्रिशूल) ने स्वर्ण, शिवा (पिंडर) ने रजत और हरीश (अलकनंदा) ने कांस्य जीता। बालिका वर्ग में सोनम (अलकनंदा) ने स्वर्ण, गुड़िया (पिंडर) ने रजत और मीनाक्षी (त्रिशूल) ने कांस्य पदक अपने नाम किया। 400 मीटर रिले रेस में अलकनंदा हाउस ने स्वर्ण, त्रिशूल ने रजत और नंदा ने कांस्य पदक जीता।

खो-खो मिश्रित वर्ग में अलकनंदा और पिंडर की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। हर्डल रेस में अमित (त्रिशूल) ने स्वर्ण, आदित्य (पिंडर) ने रजत और चांदनी (अलकनंदा) ने कांस्य पदक जीता।

कड़े मुकाबले के बाद अलकनंदा हाउस ने कुल 255 अंकों के साथ ओवरऑल चैंपियन का खिताब हासिल किया। त्रिशूल 232 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा जबकि नंदा हाउस ने 185 अंक प्राप्त किए।

खेल प्रतियोगिताओं का संचालन प्रोजेक्ट लीडर संचित कुमार और शिक्षक कुलदीप सिंह चौहान ने रेफरी के रूप में किया। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, प्रधानाचार्य श्रवण कुमार शर्मा, आसरा ट्रस्ट के मैनेजर अशोक बिष्ट, समर्पण की कॉर्डिनेटर मानसी शर्मा, उदयनी शालिनी फाउंडेशन की दीक्षा धीमान सहित कई लोग उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि सही दिशा और संवेदनशील प्रयास बच्चों के भविष्य में चमत्कारिक बदलाव ला सकते हैं।

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