उत्तराखंड क्रिकेट में सुनहरा अवसर: CAU का ‘मीडियम पेसर टैलेंट हंट 2026-27’ का बिगुल बजा, दो मंडलों में 15 जिलों के गेंदबाज आजमाएंगे किस्मत

देहरादून। उत्तराखंड क्रिकेट को राष्ट्रीय पटल पर नई धार देने के उद्देश्य से क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। एसोसिएशन ने सीजन 2026-2027 के लिए “मीडियम पेसर टैलेंट हंट” कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। यह विशेष अभियान राज्य में छिपी तेज गेंदबाजी प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें पेशेवर मंच प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है।

CAU के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में बल्लेबाजों की तुलना में गुणवत्तापूर्ण तेज गेंदबाजों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी कमी को दूर करने और उत्तराखंड को तेज गेंदबाजों की नर्सरी बनाने की दिशा में यह टैलेंट हंट एक निर्णायक पहल माना जा रहा है।

तीन आयु वर्गों में मिलेगा मौका
इस टैलेंट हंट में तीन अलग-अलग आयु वर्गों के खिलाड़ियों को परखा जाएगा, ताकि हर स्तर की प्रतिभा को समान अवसर मिल सके।
अंडर-19 वर्ग: 19 वर्ष तक के युवा खिलाड़ी
अंडर-23 वर्ग: 20 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ी
सीनियर वर्ग: 24 वर्ष और उससे अधिक आयु के अनुभवी खिलाड़ी

गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में होंगे जिलेवार ट्रायल
ट्रायल प्रक्रिया को दो मंडलों में बांटा गया है। गढ़वाल मंडल में 9 जिलों जबकि कुमाऊं मंडल में 6 जिलों में चयन शिविर आयोजित किए जाएंगे।

गढ़वाल मंडल में ट्रायल की शुरुआत 2 जून 2026 से होगी। देहरादून और हरिद्वार में खिलाड़ियों को दो दिन, 2 और 3 जून को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। वहीं श्रीनगर, कोटद्वार, पुरोला, रुद्रप्रयाग, चमोली, मनेरा और टिहरी में 2 जून को एक दिवसीय ट्रायल आयोजित किए जाएंगे।

कुमाऊं मंडल में यह प्रक्रिया 30 मई 2026 से शुरू होगी। ऊधम सिंह नगर और नैनीताल में 30 और 31 मई को दो दिवसीय ट्रायल होंगे। अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 30 मई को खिलाड़ियों की काबिलियत परखी जाएगी।

CAU ने खिलाड़ियों से की अपील
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह टैलेंट हंट केवल गति नहीं, बल्कि लाइन-लेंथ, स्विंग और मैच टेंपरामेंट को भी परखने पर केंद्रित होगा। चयनित गेंदबाजों को CAU के विशेष प्रशिक्षण शिविरों में राष्ट्रीय स्तर के कोचों द्वारा तराशा जाएगा और आगामी BCCI घरेलू टूर्नामेंटों के लिए टीमों में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।

इच्छुक खिलाड़ियों को सलाह दी गई है कि वे अपने जिले के ट्रायल के सटीक स्थान, समय और पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें। बिना पंजीकरण के ट्रायल में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

उत्तराखंड के पहाड़ों से निकलकर टीम इंडिया का सपना देखने वाले युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह वाकई ‘सबसे बड़ा मौका’ साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि इस टैलेंट हंट से देवभूमि को अपना अगला जहीर खान या मोहम्मद शमी कब मिलता है।

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