
देहरादून, 10 अक्टूबर: उत्तराखंड में पेपर लीक विवाद के बीच, भाजपा विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर छात्रहित में हाल ही में संपन्न स्नातक स्तरीय UKSSSC परीक्षा को निरस्त करने पर विचार करने का आग्रह किया है।
मुलाकात के बाद, प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे विधायक खजान दास ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्यवाही करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि विधायकों ने मुख्यमंत्री का अब तक 25,300 लोगों को सरकारी नियुक्ति देने और पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की घोषणा करने के लिए आभार व्यक्त किया।
छात्रों की भावनाओं से कराया अवगत
प्रतिनिधिमंडल में दिलीप सिंह रावत, विनोद कंडारी, बृज भूषण गैरोला, दुर्गेश्वर लाल, सुरेश चौहान, मोहन सिंह बिष्ट, और रेणु बिष्ट शामिल रहे। इन सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि छात्रों के मन में परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर किसी प्रकार का संदेह न रहे, इसलिए इस परीक्षा को निरस्त किया जाए।
पुरोला विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल ने बताया कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने अपने क्षेत्रों के छात्रों और उनके परिजनों की भावनाओं से सरकार को अवगत कराया है। उन्होंने कहा, “हम सबकी चिंता है कि तमाम छात्र, जिन्होंने परीक्षाएं दी हैं या जो भविष्य में सफल होंगे, उनके प्रयासों पर कोई संदेह उत्पन्न न हो। इसलिए पार्टी की तरफ से यह अनुरोध किया गया है।”
शीघ्र निर्णय की संभावना
भले ही सीएम ने पहले सीबीआई जांच की संस्तुति देकर राजनीतिक विरोधियों को शांत किया था, लेकिन अब पार्टी ने खुद ही यह मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम दर्शाता है कि कंही भाजपा हाईकमान ने अब परीक्षा रद्द करने का मन बना लिया है।
पार्टी नहीं चाहती कि विपक्षी दल या बेरोजगार संघ यह श्रेय ले कि निर्णय उनके दबाव में लिया गया है। विधायकों द्वारा पत्र सौंपकर अनुरोध करना यह संकेत देता है कि मुख्यमंत्री धामी जल्द ही इस परीक्षा को स्थगित या रद्द करने और नया कैलेंडर घोषित करने की घोषणा कर सकते हैं।

Recent Comments