
टिहरी। टिहरी जिले के राम गांव और बौर गांव की 79 नाली भूमि के टेंडर को स्थगित किए जाने पर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने इसे स्थानीय जनता के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। पार्टी के मूल निवास-भू कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने कहा कि यह निर्णय पैतृक भूमि संरक्षण समिति के नेतृत्व में चल रहे जनआंदोलन और स्थानीय लोगों के लगातार संघर्ष का परिणाम है।
लूशुन टोडरिया ने आंदोलन से जुड़े समिति के सभी सदस्यों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की एकजुटता ने सरकार को फैसला बदलने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल टेंडर स्थगित होने की जीत नहीं, बल्कि अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए जनता की एकजुटता का प्रमाण है।
हालांकि, उन्होंने सरकार द्वारा गठित जांच समिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि संबंधित भूमि की जांच आवश्यक थी तो टेंडर प्रक्रिया जारी करने से पहले ही जांच क्यों नहीं कराई गई। अब जनता के आंदोलन और बढ़ते जनदबाव के बाद जांच कराना सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है।
टोडरिया ने पैतृक भूमि संरक्षण समिति के उस निर्णय का समर्थन किया, जिसमें टेंडर पूरी तरह निरस्त होने तक आंदोलन और धरना जारी रखने की बात कही गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए स्थानीय हक-हकूकधारियों के साथ मजबूती से खड़ा है और जब तक विवादित भूमि का टेंडर पूरी तरह निरस्त नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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