DM की एक डांट और बदल गई दिव्यांग की किस्मत! रोते हुए आया था फरियादी, अब घर बैठे खुला बैंक खाता और मिलेगी पेंशन!

अधिकारियों को मिली थी सख्त चेतावनी: “अपनी गाड़ी में बैठाकर ले जाओ अस्पताल, आज ही चाहिए सर्टिफिकेट!”

देहरादून। देहरादून के ‘समाधान दिवस’ में एक ऐसा चमत्कारी वाकया सामने आया है, जिसने साबित कर दिया कि अगर अफसर ठान लें, तो गरीब को न्याय मिलने में 24 घंटे भी नहीं लगते। सालों से सरकारी सिस्टम की बेरुखी झेल रहे अपर नत्थनपुर के दिव्यांग सुनील चन्द्र जब रोते हुए जिलाधिकारी (DM) डॉ. आशीष चौहान के सामने पहुंचे, तो नजारा देखने लायक था।
सुनील ने बेबसी से कहा— “साहेब! मैं बहुत गरीब हूँ, लाचार हूँ। आज तक मेरा दिव्यांग सर्टिफिकेट भी नहीं बन पाया। कोई मदद नहीं मिलती, बस जैसे-तैसे जी रहा हूँ।”

…और हिल गया पूरा प्रशासनिक अमला!

दिव्यांग सुनील की दर्दभरी दास्तान सुनते ही डीएम डॉ. आशीष चौहान का पारा चढ़ गया। उन्होंने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ऑन-द-स्पॉट अल्टीमेटम दिया:

“इस व्यक्ति को तुरंत अपनी गाड़ी से कोरोनेशन अस्पताल ले जाइए। आज ही इनकी मेडिकल जांच होगी और आज ही इनका दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी!”

इसके साथ ही समाज कल्याण अधिकारी को भी सख्त हिदायत दी गई कि तहसील प्रशासन से तालमेल बिठाकर तुरंत सुनील का आय प्रमाण पत्र तैयार करवाया जाए।

चौखट पर चलकर आया बैंक, अगस्त से खाते में आएगी पेंशन!

डीएम की इस संवेदनशीलता और ‘सुपरफास्ट’ एक्शन का असर यह हुआ कि:

  • मेडिकल जांच और सर्टिफिकेट: सुनील को तुरंत कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहाँ जांच के बाद उनका 45% दिव्यांगता का प्रमाण पत्र हाथों-हाथ जारी हुआ।
  • पेंशन और नई व्हीलचेयर: समाज कल्याण विभाग ने फुर्ती दिखाते हुए न सिर्फ उनका आय प्रमाण पत्र बनवाया, बल्कि आगामी अगस्त महीने से उनकी मासिक दिव्यांग पेंशन भी स्वीकृत कर दी। साथ ही उन्हें एक नई व्हीलचेयर भी तोहफे में दी गई।
  • घर बैठे खुला बैंक खाता: सबसे हैरान करने वाली बात तब सामने आई जब पता चला कि सुनील का कोई बैंक खाता ही नहीं है। प्रशासन ने तुरंत इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से संपर्क किया। बैंक कर्मचारी खुद सुनील के घर पहुंचे और उनकी चौखट पर ही नया बैंक खाता खोल दिया

“सरकार सचमुच गरीबों के द्वार खड़ी है”

कभी दफ्तरों के चक्कर काटने के नाम से डरने वाले सुनील चन्द्र आज प्रशासन के इस रूप को देखकर गदगद हैं और उनकी आँखों में खुशी के आँसू हैं। उन्होंने डीएम डॉ. आशीष चौहान और पूरी टीम का दिल से आभार जताते हुए कहा कि आज उन्हें सच में महसूस हुआ है कि सरकार गरीबों के द्वार पर खड़ी है।

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