‘सैनिक कभी रिटायर नहीं होता!’ – भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का दमदार बयान, सेना के लिए कह दी ये बड़ी बात

किया एलान कि उत्तराखंड बनेगा ‘पंचम धाम’! सैनिकों को लेकर होगा बड़ा काम

हल्द्वानी: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने कहा कि देशवासियों की सुख-शांति का आधार सैनिक हैं और सैनिक कभी रिटायर नहीं होता। श्री नवीन ने गुरुवार को हल्द्वानी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज अगर 140 करोड़ देशवासी सुख और शांति से रहते हैं, तो इसका एकमात्र कारण सरहद पर खड़ा सैनिक ही है, जो देश की सुरक्षा के लिए बिना धूप, पानी और बरसात की चिंता किए अपनी डटी रहता है। सैनिकों के रिटायर होने पर ‘पूर्व सैनिक’ लिखा जाता है, लेकिन उनका जज्बा, राष्ट्रप्रेम और जवानी कभी रिटायर नहीं हो सकती।

कार्यक्रम से पहले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बेरीपड़ाव स्थित अष्टादश भुजा महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की और शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने हल्दूचौड़ बूथ अध्यक्ष राकेश चंद्र आर्य के घर कार्यकर्ताओं संग चाय पर चर्चा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कर्नल अजय कोठियाल सहित अनेक नेतागण और पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

श्री नवीन ने कुमाऊं रेजीमेंट के ध्येय वाक्य ‘पराक्रमो विजयते’ का उल्लेख करते हुए 1962 के रेजांग ला युद्ध में मेजर शैतान सिंह और जवानों के आखिरी गोली तक लड़ने के पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि इसी भूमि ने भारत को पहला सीडीएस जनरल बिपिन रावत दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड को ‘चार धाम’ के साथ-साथ ‘पंचम धाम’ अर्थात वीर सैनिकों की भूमि की संज्ञा दी है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2011 में जब वे लाल चौक गए थे, तो वहां पाकिस्तान का झंडा फहराता देखकर सिर शर्म से झुका था, लेकिन 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व में आज लाल चौक पर शान से तिरंगा लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि सेना मोदी का परिवार है, वे दिवाली-होली जैसे हर त्यौहार सैनिकों के साथ मनाते हैं। मोदी ने सीमांत गांवों को ‘अंतिम गांव’ की जगह ‘प्रथम गांव’ मानने की सोच दी और 46 वर्षों से लंबित ‘वन रैंक वन पेंशन’ को 7 नवंबर 2015 को लागू कर सैनिकों के सम्मान को सुनिश्चित किया।

श्री नवीन ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को परमाणु शक्ति बनाया और आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात में आत्मनिर्भर हो रहा है। सर्वाधिक 1.78 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन हुआ है और रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, ‘चार धाम ऑल वेदर रोड’, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में 25,942 सैनिकों के नाम और देहरादून में बन रहे ‘सैन्य धाम’ सराहनीय हैं।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को भी सरहद पर जाकर सैनिकों की परिस्थितियों का एहसास होना चाहिए। इसके लिए वे शिक्षा व्यवस्था में ‘सरहद का दर्शन’ कार्यक्रम बनाने का प्रयास करेंगे, ताकि युवा पीढ़ी सरहद के महत्व को समझ सके।

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