

देहरादून। आम आदमी पार्टी ने ऋषिकेश में 7 मोड़ क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हो रहे अंधाधुंध जंगल कटान को लेकर धामी सरकार पर “पर्यावरण विरोधी” होने का आरोप लगाया है।
प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने मौके पर जंगल कटान के विरोध में चल रहे जनांदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि 7 मोड़ से लेकर नीलकंठ मार्ग तक हजारों की संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। ये वही जंगल है जो ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र को ऑक्सीजन देता है, भू-स्खलन रोकता है और पर्यावरण को बचाता है। सरकार विकास के नाम पर देवभूमि को रेगिस्तान बना रही है।
आप नेता ने कहा कि भाजपा सरकार को पर्यावरण से कोई लेना-देना नहीं है। एक तरफ एक पेड़ मां के नाम पर वृक्षारोपण के बड़े-बड़े होर्डिंग लगते हैं, दूसरी तरफ रातों-रात सैकड़ों पेड़ काट दिए जाते हैं। यह चौड़ीकरण नहीं, विनाश है।
उन्होंने कहा कि चौड़ीकरण से पहले पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और जन सुनवाई नहीं कराई गई। हरे भरे वृक्षों को काटने से पहले 10 गुना वृक्षारोपण की अनिवार्यता का पालन नहीं हुआ। बरसात के समय वृक्ष न काटे जाने के नियमों की भी अनदेखी की गई। जंगल में निवास करने वाले बंदर, हिरन और अन्य वन्य जीवों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है। पहले से ही यह क्षेत्र जंगली हाथियों के कारण संवेदनशील रहा है। कई बार हाथियों के हमले से लोगों की जान गई है और अब पेड़ कटने से यह क्षेत्र और खतरनाक हो सकता है।

प्रदेश अध्यक्षा ने कहा कि उत्तराखंड पर्यावरण और हरियाली के लिए जाना जाता है, पर सरकार विकास के नाम पर प्रदेश का विनाश करने पर तुली है। पहाड़ी जिलों में जंगल कटाई से बरसात में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने कहा कि सरकार टूरिज्म के नाम पर पहाड़ों को खोखला कर रही है। सड़क चौड़ी हो, पर जंगल बचाकर। हमें विकास चाहिए पर पर्यावरण की कीमत पर नहीं।
आप कार्यकर्ताओं ने 7 मोड़ क्षेत्र में जंगल कटान पर तत्काल रोक लगाने, पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, अब तक कटे हर पेड़ के बदले 50 पेड़ लगाने और सड़क चौड़ीकरण का वैकल्पिक प्लान बनाकर पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों से राय लेने की मांग की।
जन आंदोलन को समर्थन देने वालों में आप नेता श्याम बाबू पाण्डेय, पंकज अरोड़ा, नासिर खान, जितेन पंथ, हिमांशु पुण्डीर सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

Recent Comments