‘‘देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर’’ परियोजना पर प्रशासन ने तेज की कार्रवाई

रिस्पना और बिंदाल नदी पर बनेगा चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, यातायात होगा सुगम

देहरादून, 11मार्च 2025(आरएनएस )देहरादून में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और बुनियादी संरचना को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प के तहत ‘‘देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर’’ परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राजधानी की महत्वपूर्ण रिस्पना और बिंदाल नदियों पर चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को लेकर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग तेजी से कार्य कर रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत न केवल यातायात सुविधा सुगम होगी, बल्कि इन नदियों के दोनों किनारों पर बाढ़ सुरक्षा के लिए रिटेनिंग वाल भी बनाई जाएगी और पर्यावरण के अनुकूल सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

मंथन सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक
मंगलवार को वन मुख्यालय, राजपुर रोड स्थित मंथन सभागार में एलिवेटेड सड़क निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्तुतीकरण दिया और जनप्रतिनिधियों के बहुमूल्य सुझाव लिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक विनोद चमोली, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विधायक सविता कपूर, विधायक बृजभूषण गैरोला, विधायक खजान दास, देहरादून मेयर सौरभ थपलियाल, जिलाधिकारी सविन बंसल, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

परियोजना के प्रभाव और सुझावों पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने देहरादून में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से इस परियोजना को आवश्यक बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि मास्टर प्लान के तहत ड्रेनेज प्लान, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्लान, विस्थापन और बस्तियों के लिए सर्विस लेन की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। बैठक में स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) गठित करने का भी प्रस्ताव रखा गया, जिसमें एमडीडीए, नगर निगम, लोक निर्माण, राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय पार्षद, नगर विकास मंत्री और विधायकों को भी शामिल किया जाए, जिससे इस परियोजना को प्राथमिकता, समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके।

परियोजना की प्रगति और तकनीकी पहलू
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए फिजिबिलिटी स्टडी, समरेखण और ड्राफ्ट डीपीआर तैयार कर ली गई है। आईआईटी रूड़की से हाइड्रोलॉजिकल मॉडल स्टडी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, रिस्पना और बिंदाल नदी के भीतर स्थित विद्युत लाइन, हाई टेंशन लाइन, सीवर लाइन सहित अन्य यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रगति पर है।

रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर – लागत व विवरण
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता रंजीत सिंह और अधिशासी अभियंता जीतेंद्र त्रिपाठी ने परियोजना की विस्तृत जानकारी दी—

✔ रिस्पना एलिवेटेड कॉरिडोर:

लंबाई: 11 किमी

लागत: ₹2500 करोड़

आरंभ बिंदु: रिस्पना सेतु (विधानसभा के पास)

समाप्ति बिंदु: नागल ब्रिज

प्रमुख जंक्शन: सहस्रधारा चौक, धोरण-आईटी पार्क रोड

✔ बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर:

लंबाई: 15 किमी

लागत: ₹3750 करोड़

आरंभ बिंदु: बिंदाल ब्रिज (कारगी चौक के पास)

समाप्ति बिंदु: राजपुर रोड, साई मंदिर के पास

प्रमुख जंक्शन: लाल पुल चौक, बिंदाल तिराहा, विजय कॉलोनी, मसूरी डायवर्जन

योजना के सफल क्रियान्वयन पर विशेष जोर
इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन ने ठोस रणनीति तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा यह एलिवेटेड कॉरिडोर देहरादून की यातायात समस्या को दूर करने के साथ-साथ शहर के सौंदर्यीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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