देहरादून। देहरादून जिला प्रशासन ने भू-माफिया और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। ग्राम गल्ज्वाड़ी में बरसाती नाले पर कब्जा कर बनाई गई आठ मीटर पक्की दीवार को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में की गई है, जिसमें जलस्रोतों, नालों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने का जोर दिया गया है।
जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। गढ़ी कैंट घंघोड़ा निवासियों की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई, जिसमें आरोप था कि सेवानिवृत्त पुलिस सिपाही जितेंद्र मलिक पुत्र ब्रजपाल (मूल निवासी मुजफ्फरनगर, वर्तमान निवासी विजय पार्क, पॉकेट नंबर 3, कांवली, देहरादून) द्वारा लगभग 77 बीघा भूमि में अवैध प्लाटिंग की जा रही है। शिकायत में यह भी बताया गया कि उनके नाम पर भूमि दर्ज कर अवैध बिक्री हो रही है, साथ ही ग्राम यदुवाला में 18 बीघा सरकारी भूमि और ग्राम पंचायत गल्ज्वाड़ी के मजरे खाबड़वाला में 80 बीघा जलमग्न भूमि पर कब्जे के प्रयास किए जा रहे हैं।
राजस्व विभाग के निरीक्षण में खाता खतौनी संख्या 123 के अंतर्गत खसरा संख्या 1164 से 1185 तक की भूमि कुनाल सिंह मलिक पुत्र जितेंद्र मलिक और प्रिंस आनंद पुत्र देवेंद्र आनंद के नाम दर्ज पाई गई। वहीं, खाता खतौनी संख्या 65 के खसरा संख्या 933क में 0.4490 हेक्टेयर भूमि धीरज भाटिया आदि के नाम है। निरीक्षण में पाया गया कि खसरा संख्या 933 और 1185 के बीच दर्ज बरसाती नाला (खसरा संख्या 962क) पर आठ मीटर पक्की सुरक्षा दीवार बनाकर जल प्रवाह बाधित किया गया था। नाले की मूल प्रकृति में परिवर्तन किया गया, जो अवैध था। इसके अलावा, क्षेत्र में साल के वृक्ष पाए गए, जिनके पातन के साक्ष्य नहीं मिले, जिस पर वन विभाग जांच कर रहा है।

टीम ने अवैध प्लाटिंग और निर्माण को तत्काल रोकते हुए दीवार को ध्वस्त किया और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक जलस्रोतों, नालों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग या भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। यह कदम मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिससे भू-माफिया की गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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