देहरादून। राजधानी की पुलिस इन दिनों ‘मित्र पुलिस’ के अपने स्लोगन को धरातल पर चरितार्थ करती नजर आ रही है। एसएसपी देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को आम नागरिकों की सुरक्षा और संकट के समय ‘परिवार के सदस्य’ की तरह मदद करने के सख्त निर्देशों का असर अब सड़कों पर दिखने लगा है। बुधवार को पटेलनगर क्षेत्र में पुलिस ने न केवल घायलों की जान बचाई, बल्कि सुरक्षा प्रोटोकॉल (वीवीआईपी फ्लीट) को भी बिना किसी बाधा के संपन्न कराया।
हादसे के बाद तुरंत सक्रिय हुई पुलिस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 29 अप्रैल 2026 को कमला प्लेस (पटेलनगर) के पास एक ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में ई-रिक्शा में सवार चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना के वक्त वहां तैनात सीपीयू और ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मोर्चा संभाला।
दोहरी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन
पुलिस टीम के सामने उस समय दोहरी चुनौती थी। एक तरफ घायलों का रेस्क्यू करना था, तो दूसरी तरफ उसी मार्ग से वीवीआईपी फ्लीट का गुजरना प्रस्तावित था। उप-निरीक्षक ताजबर सिंह नेगी और हेड कांस्टेबल तरुण ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल घायलों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया और सड़क से मलबा हटाकर मार्ग क्लियर कराया। पुलिस की इस मुस्तैदी के चलते वीवीआईपी फ्लीट बिना किसी देरी या बाधा के वहां से सुरक्षित गुजर गई।


108 के माध्यम से अस्पताल भिजवाया
मार्ग साफ कराने के तुरंत बाद पुलिस कर्मियों ने 108 एम्बुलेंस के माध्यम से चारों घायलों को नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के इस मानवीय चेहरे और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की जमकर सराहना की है।
“एसएसपी देहरादून के स्पष्ट निर्देश हैं कि ड्यूटी के साथ-साथ सेवा भी हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। संकट के समय हर नागरिक को पुलिस से परिवार जैसी मदद मिलनी चाहिए।” देहरादून पुलिस

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