
नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित केसर सिंह नेगी प्रकरण को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को विशाल जनप्रदर्शन आयोजित किया गया। उत्तराखंड लोक पांच के अध्यक्ष बिट्टू उप्रेती के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के लोगों के साथ विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने केसर सिंह नेगी की शीघ्र रिहाई की मांग करते हुए केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया।
प्रदर्शन में शामिल उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मुख्य प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड के पांचों सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केसर सिंह नेगी के मामले में उनकी चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक निर्दोष व्यक्ति को जेल में रखा गया है, लेकिन प्रदेश के जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि यदि सांसद अपने प्रदेश के लोगों की आवाज नहीं उठा सकते तो उन्हें संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए।

जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ ने “केसर सिंह नेगी को रिहा करो” और “न्याय दो, न्याय दो” जैसे नारों से माहौल को गुंजायमान कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और न्याय की लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि केसर सिंह नेगी निर्दोष हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए समाज का हर वर्ग एकजुट होकर आवाज उठा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन मंच के महासचिव पवन मैथानी ने किया। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने भी अपने विचार रखे। भाजपा नेता जगदीश ममगई, आंदोलनकारी नेता देव सिंह रावत, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत, भाजपा नेता गिरीश बलूनी, यूकेडी नेता आशुतोष नेगी, चौधरी चरण सिंह ब्रिगेड के अध्यक्ष अजीत सिंह, धुमाकोट महोत्सव के संरक्षक सोमपाल सिंह नेगी, कुलदीप रावत तथा होटल यूनियन के प्रतिनिधियों सहित अनेक वक्ताओं ने केसर सिंह नेगी की रिहाई की मांग का समर्थन किया।
प्रदर्शन में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। शशि कोटनाला, प्रेम बौखंडी, लक्ष्मी देवी, प्रमिला रावत और सुरेंद्र हलसी सहित कई महिला वक्ताओं ने भी मंच से अपने विचार रखे और न्याय की मांग को बुलंद किया।

इस दौरान प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक चारु तिवारी ने अपने क्रांतिकारी गीतों की प्रस्तुति देकर आंदोलन में नया जोश भर दिया। उनके गीतों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और पूरे वातावरण को आंदोलित कर दिया।
आयोजकों ने कहा कि यदि केसर सिंह नेगी की रिहाई को लेकर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

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