VIP दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
देहरादून/दिल्ली। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने आज घोषणा की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के वीआईपी दोषियों के नाम उजागर करने और मामले की हाई कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर उत्तराखंडी लोग 4 जनवरी को दिल्ली और देहरादून में एक साथ विशाल प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन राज्य की अस्मिता से जुड़े इस मामले को लेकर जनता की बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है।
धीरेंद्र प्रताप, जो चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक भी हैं, ने बताया कि देहरादून में परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला जाएगा, जबकि दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर मंतर पर उत्तराखंड के प्रवासी भाई-बहनों द्वारा दो अलग-अलग प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। पहला प्रदर्शन सुबह 10:00 बजे और दूसरा दोपहर 2:00 बजे शुरू होगा।
प्रताप ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन मांगों पर अमल नहीं करती, तो दिल्ली और देहरादून के आंदोलनकारियों द्वारा चक्का जाम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अंकिता भंडारी का सवाल हमारी अस्मिता से जुड़ा है। यदि इस पर भी सरकार न मानी, तो उत्तराखंड बंद की तैयारी पर विपक्षी दल और राज्य आंदोलनकारी विचार करेंगे।” उन्होंने आगे बताया कि इसकी अग्रिम चर्चा आंदोलन को गति देने वाले साथी कर रहे हैं, और 4 जनवरी के जन प्रदर्शनों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही तो उग्र प्रदर्शनों के स्थगन पर भी विचार किया जा सकता है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में दोषियों की पहचान और न्याय की मांग को लेकर राज्य भर में आक्रोश बढ़ रहा है। मामले की जांच में देरी और प्रभावशाली लोगों के संभावित शामिल होने के आरोपों ने जनता को सड़कों पर उतार दिया है। विपक्षी दल और आंदोलनकारी संगठन इस प्रदर्शन को राज्य की न्यायिक प्रणाली में विश्वास बहाल करने का एक बड़ा कदम मान रहे हैं।

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