

देहरादून/नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में थाली भेंट यानी चढ़ावा चोरी के आरोपों से घिरे बदरी-केदार मंदिर समिति BKTC के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरोपी कर्मचारी ने अपने निलंबन आदेश और पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
मंदिर समिति को 2 जुलाई को सूचना मिली थी कि बदरीनाथ मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाई जाने वाली थाली भेंट की गिनती के दौरान वित्तीय गड़बड़ी की जा रही है। मंदिर समिति अध्यक्ष के आदेश पर गठित जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया कि कार्मिक प्रमोद नौटियाल ने सुबह करीब 9:00 से 9:30 बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाई।
आरोपों की पुष्टि के बाद मंदिर समिति ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद BKTC के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की तहरीर पर बदरीनाथ कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले का सबसे पहले खुलासा भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंदिर में भक्तों के दान की चोरी हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की। विवाद बढ़ने पर राज्य सरकार ने भी 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी बना दी।
अब एक ओर सरकार और मंदिर समिति इस मामले में कानूनी और विभागीय कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपी कर्मचारी ने हाईकोर्ट से राहत मांगी है। अब 16 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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