हल्द्वानी(आरएनएस)। उत्तराखंड वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के 15 फरवरी से 30 जून तक सभी अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। मामले में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। वन विभाग 15 फरवरी से 30 जून तक फायर सीजन मनाता है। इस दौरान वनाग्नि को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। पिछले साल उत्तराखंड में सबसे ज्यादा वनाग्नि की घटना होने के कारण वन विभाग को काफी किरकरी झेलनी पड़ी थी। इस बार वन विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। 5 फरवरी को प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन ने 6 बिंदु वाला आदेश पत्र जारी किया है। इसमें विशेष परिस्थिति को छोड़कर 15 फरवरी से 30 जून तक सभी वन अधिकारी और कर्मचारी के अवकाश पर रोक लगाने, अधिकारियों के मुख्यालय में रहकर वनाग्नि की घटनाओं के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए जरूरी कार्रवाई करने, फारेस्ट सर्वे आफ इंडिया से मिलने वाले फायर अलर्ट का मौके पर जाकर सत्यापन करने, पुलिस, राजस्व विभाग, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत समेत सभी विभाग से संपर्क रखने, 31 मार्च से विशेष परिस्थितियों में ही खेत-खलिहान में आग जलाने की अनुमति देने, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्रू स्टेशनों में उपकरण उपलब्ध कराने और जानबूझकर आग लगाने वाले शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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