किन्नर अखाड़े का बड़ा एक्शन, ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटाया, अखाड़े से भी निष्कासित

नई दिल्ली ,31 जनवरी(आरएनएस)। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के बीच किन्नर अखाड़े ने बड़ा एक्शन लिया है। किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटाकर अखाड़े से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को आचार्य महामंडलेश्वर पद और अखाड़े से बाहर किया गया है। दोनों को किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है।
महाकुंभ में अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने कुछ दिन पहले संन्यास की दीक्षा ली थी। संन्यास लेने के बाद ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर बनाया गया था, जिसका जमकर विरोध हुआ और किन्नर अखाड़े में बड़ी कलह शुरू हो गई थी। किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने कहा है कि अब नए सिरे से अखाड़े का पुनर्गठन किया जाएगा और जल्द ही नए आचार्य महामंडलेश्वर के नाम का ऐलान होगा। अजय दास ने कहा- लक्ष्मी नारायण ने पहले भी मेरी परमिशन के जूना अखाड़ा के साथ एक लिखित अनुबंध 2019 में प्रयागराज कुंभ में किया। जो कि अनैतिक ही नहीं एक प्रकार की चारसौबीसी है।
उन्होंने सनातन धर्म और देशहित को छोडक़र ममता कुलकर्णी जैसी देशद्रोह के मामले में लिप्त महिला जो कि फिल्मी दुनिया से जुड़ी है, उसे बिना किसी धार्मिक व अखाड़े की परंपरा को मानते हुए वैराग्य की दिशा के बजाय सीधा महामंडलेश्वर की उपाधि देकर पट्टा अभिषेक कर दिया। जिस कारण मुझे बेमन से उन्हें इस पद से मुक्त करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा- ये लोग न तो जूना अखाड़े और न ही किन्नर अखाड़े के अनुरूप चल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर किन्नर अखाड़े के गठन के साथ ही वैजन्ती माला गले में धारण करवाई गई थी, जो कि शृ्ंगार की प्रतीकात्मक है, परंतु इन्होंने उसे त्याग कर रुद्राक्ष की माला धारण कर ली। संन्यास कभी भी बिना मुंडन के नहीं होता। उन्होंने यहां भी गलती की है।

ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments