भाजपा ने विधानसभा से पारित निंदा प्रस्ताव का किया स्वागत!

कांग्रेस को 27 के चुनाव टिकटों में महिलाओं को आरक्षण देने से किसने रोका है? : भाजपा

सर्वाधिक महिला उम्मीदवार और विधायक भाजपा के, कांग्रेस सिर्फ ड्रामा करती है!

देहरादून । भाजपा ने विधानसभा विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विरोधियों के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित होने का पुरजोर स्वागत किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस द्वारा जीत के बाद विधानसभा में महिला आरक्षण लागू करने के तर्कों को असंवैधानिक बताते हुए कहा, उन्हें 27 के नतीजों का इंतजार करने की जरूरत नही है, उससे पहले ही वे अपनी पार्टी में 33 फीसदी टिकट महिलाओं को दे सकते हैं, किसने रोका है। जहां तक भाजपा का सवाल है तो सबसे अधिक विधायक हमारे हैं और टिकट भी हमने दिए। कांग्रेस दिग्गजों ने तो घोषित महिला टिकट को कैंसिल कर चुनाव लड़े हैं।

उन्होंने विभिन्न माध्यमों पर मीडिया द्वारा प्रतिक्रिया मांगे जाने पर कहा, महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है, लिहाजा उन्हें आत्मचिंतन करने की जरूरत है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज विधानसभा से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की असंवैधानिक प्रक्रिया का भ्रम और झूठ फैला रहे हैं। उन्हें पहले यह जवाब देना चाहिए कि जब संसद के विशेष सत्र में ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक लाया गया था, तब वहां विरुद्ध क्यों किया गया? उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने दिल्ली में बैठे अपने आलाकमान को इस मुद्दे पर सही सलाह क्यों नहीं दी।

उन्होंने कांग्रेस द्वारा जीत के बाद विधानसभा में महिला आरक्षण देने के दावों पर चुनौती देते हुए कहा, ” 2027 के चुनावों तक रुकने की आवश्यकता नहीं है। यदि उनकी नीयत साफ है, तो वे आज ही घोषणा करें कि आगामी चुनावों में अपनी पार्टी के भीतर महिलाओं को 33 फीसदी टिकट देंगे। उन्हें ऐसा करने से किसी ने नहीं रोका है और भाजपा को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।”

टिकट वितरण पर कांग्रेस को घेरा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता पर प्रहार करते हुए आईना दिखाया कि कांग्रेस स्पष्ट करे कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कितनी महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा था?

जबकि कड़वी सच्चाई यह है कि उनके एक बड़े नेता और पूर्व सीएम ने तो एक महिला प्रत्याशी का घोषित टिकट कटवाकर स्वयं चुनाव लड़ा। जहां तक बात है भाजपा की तो वर्तमान में भाजपा के पास सदन में अब तक के इतिहास में सर्वाधिक 7 महिला विधायक हैं, जबकि कांग्रेस में यह संख्या मात्र 2 है।

​उन्होंने चेताते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को असंवैधानिक प्रक्रियाओं का बहाना बनाकर महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रदेश की जनता के बीच झूठ और भ्रम फैलाना बंद करना चाहिए। भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और निंदा प्रस्ताव के माध्यम से विरोधियों का असली चेहरा फिर से जनता के सामने लेकर आई है।

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