देहरादून। CGC यूनिवर्सिटी, मोहाली (पंजाब) ने योग्य विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा को समर्थन देने के उद्देश्य से ₹50 करोड़ का CGCUET/‘CGC जोश’ स्कॉलरशिप प्रोग्राम (शैक्षणिक सत्र 2026-27) लॉन्च करने की घोषणा की है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी के एडमिशन एवं मार्केटिंग के रीजनल मैनेजर आनंद गौतम ने दी। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी अपनी NAAC A+, NIRF और NBA मान्यताओं की विरासत के साथ विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह कदम उठा रही है।
इसी क्रम में होटल एन जे पोर्टिको, देहरादून (उत्तराखंड) में प्रिंसिपलों एवं शिक्षकों की एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें 50 से अधिक प्रिंसिपल और शिक्षक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर आमने-सामने चर्चा हुई, साथ ही विद्यार्थियों के लिए कैंपस व कोर्स चयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन के अनुसार CGC यूनिवर्सिटी की स्थापना 2012 में हुई थी, जिसे पहले CGC झंजेरी के नाम से जाना जाता था। यह एक नई उम्र की यूनिवर्सिटी है, जो AI-आधारित कोर्स, एकेडमिक्स, रिसर्च और प्लेसमेंट पर विशेष फोकस करती है। यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि जीवंत कैंपस लाइफ और मजबूत प्लेसमेंट सपोर्ट के जरिए छात्रों को बेहतर करियर अवसर प्रदान किए जाते हैं।

स्कॉलरशिप का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक अंतर को कम करना तथा कम आय वाले परिवारों के छात्रों को शिक्षा जारी रखने में मदद करना है। आनंद गौतम ने बैठक में शामिल प्रिंसिपल व शिक्षकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि किसी भी देश की प्रगति शिक्षा से होती है और शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाते हैं। यूनिवर्सिटी ने बताया कि जरूरत-आधारित सहायता को और प्रभावी बनाने के लिए स्कॉलरशिप राशि 7 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ कर दी गई है।
स्कॉलरशिप के मानदंडों में विद्यार्थियों का एकेडमिक रिकॉर्ड, CGC जोश के लिए आयोजित एंट्रेंस एग्जाम का परिणाम, लीडरशिप क्वालिटी, स्कूल गतिविधियों में सहभागिता, सम्मान/उपलब्धियां और वर्क एक्सपीरियंस शामिल किए गए हैं। यह स्कॉलरशिप मौजूदा अंडरग्रेजुएट, ग्रेजुएट और PhD विद्यार्थियों के लिए भी बताई गई है, जो अपने चुने हुए क्षेत्रों में डिग्री हासिल कर रहे हैं।
इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के चांसलर एस. रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा विद्यार्थियों के लिए सबसे लाभकारी निवेशों में से एक है और आर्थिक बाधाएं किसी के करियर निर्माण में रुकावट नहीं बननी चाहिए। वहीं, यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्श धालीवाल ने कहा कि शिक्षा देश की रीढ़ है और इस तरह के स्कॉलरशिप प्रोग्राम का उद्देश्य युवाओं को बेहतर भविष्य के लिए बेहतर शिक्षा व सीखने के मौके उपलब्ध कराना है।

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