मुख्यमंत्री मान ने कहा – पूरा पंजाब मेरा परिवार है, और मैं अपने परिवार की तंदुरुस्ती के लिए हमेशा वचनबद्ध हूँ

चंडीगढ़ ,21  सितंबर (आरएनएस)।  पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि उनकी सरकार ने पहले ही स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यापक योजना बनाकर मेडिकल कैंप शुरू कर दिए थे ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी फैलने से पहले ही उस पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब मेरा परिवार है और मैं अपने परिवार की तंदुरुस्ती के लिए हमेशा वचनबद्ध हूँ। यही कारण है कि प्रदेश में हर गांव और शहर में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार ड्यूटी पर तैनात है।
पिछले तीन दिनों यानी 14, 15 और 16 सितंबर के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार सबसे अधिक मामले बुख़ार और त्वचा रोग के सामने आए है। सिफ़र् इन तीन दिनों में लगाए गए कैम्प में 2100 गांव कवर किये गए, जिसमें 1,42395 मरीज़ों की जाँच की गई, और बुख़ार के 19187 मरीज़ और त्वचा रोग के 22118 मरीज़ मेडिकल कैंप में पहुँच चुके है। इसके अलावा डायरिया, खाँसी और अन्य संक्रमण के भी कुल मिलाकर 14848 मामले दर्ज हुए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रोज़ाना शाम 6 बजे जनता के साथ ये आँकड़े साझा करेगी ताकि लोगों को सही और भरोसेमंद जानकारी समय पर मिल सके। उन्होंने अपील की कि कोई भी व्यक्ति यदि बुख़ार, त्वचा रोग या अन्य बीमारी के लक्षण महसूस करे तो तुरंत सरकार द्वारा लगाए गए मेडिकल कैंप में जाकर जाँच करवाए।
सरकार की ओर से अब तक 1,250 से अधिक राहत और स्वास्थ्य कैंप लगाए जा चुके है, जिनका लाभ करीब 1.8 लाख से अधिक लोगों ने उठाया है। साथ ही कईं आंगनवाड़ी और आशीर्वाद केंद्रों में भी मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है।
विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान के तहत आशा वर्कर घर-घर जाकर सर्वे कर रही है और लोगों को बीमारियों की रोकथाम के उपायों के बारे में बता रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अब तक कईं लाख लोगों का चैकअप पूरा हो चुका है, और हर परिवार को साफ-सफाई, पीने के पानी को उबालकर पीने और मच्छरों से बचाव करने जैसी ज़रूरी बातें बताई गई है।
आम आदमी पार्टी से जुड़े हर वॉलंटियर और पदाधिकारी भी सरकार के साथ राहत और सफाई अभियान में जुटे हुए है। मंत्री और विधायक स्वयं ज़मीनी स्तर पर जाकर सेवा कार्यों में भाग ले रहे है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह सिफ़र् सरकार का काम नहीं, बल्कि हर पंजाबी का साँझा फज़र् है कि हम सब मिलकर अपने गांव, अपने शहर और अपने मोहल्ले को बीमारी मुक्त बनाए।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक़ बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रमण और मौसमी बीमारियों के फैलने का ख़तरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए पंजाब सरकार ने पहले ही सख़्त निगरानी शुरू कर दी थी। सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है और डॉक्टरों की ड्यूटी चौबीसों घंटे लगाई गई है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब की जनता को किसी भी स्थिति में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर नागरिक तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचा रही है और यदि किसी को कोई समस्या है तो तुरंत नज़दीकी मेडिकल टीम या कैंप से संपर्क किया जाना चाहिए।

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