मुख्य सचिव ने राज्य परियोजनाओं की समग्र समीक्षा की 

समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश, योजनाओं के पांच वर्षीय मूल्यांकन पर जोर

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने  सचिवालय स्थित सभागार में “स्टेट प्रगति” के अंतर्गत प्रदेश की विभिन्न महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जाएं, ताकि जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार की “प्रगति” प्रणाली की तर्ज पर राज्य स्तर पर “स्टेट प्रगति” प्रारम्भ की गई है, जिसके माध्यम से प्रदेश की प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि निरंतर मॉनिटरिंग से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का समय रहते समाधान संभव होगा।

बैठक में नैनीताल क्षेत्र में एसटीपी, ट्रंक सीवर एवं सीवरेज प्रणाली निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भूस्खलन के कारण प्रभावित परियोजनाओं के लिए चिह्नित नई भूमि की एनओसी संबंधित विभागों से शीघ्र प्राप्त कर नई टाइमलाइन जारी की जाए। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

नगरपालिका नरेंद्रनगर क्षेत्र में एसटीपी निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं पर मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा। वहीं हल्द्वानी-काठगोदाम जल आपूर्ति योजना के अंतर्गत जल स्रोत क्षमता विकास से जुड़े वनभूमि हस्तांतरण एवं अन्य लंबित प्रकरणों का लगातार फॉलोअप कर निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवेदकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विभागों को बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में उन्होंने प्रदेश की महत्त्वपूर्ण योजनाओं का प्रत्येक पांच वर्ष में मूल्यांकन कराए जाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के मूल्यांकन से उनकी प्रभावशीलता का आकलन होगा तथा आवश्यक सुधार कर योजनाओं को अधिक परिणामकारी बनाया जा सकेगा।

मिशन एप्पल योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक प्रगतिशील किसानों को योजना से जोड़ा जाए तथा पुरोला-मोरी जैसे अनुकूल क्षेत्रों में हाई डेंसिटी एप्पल फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने किसानों को पौध उपलब्धता से लेकर मार्केट लिंकेज तक सम्पूर्ण हैंडहोल्डिंग प्रदान करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विकास की दिशा में अभी से तैयारी शुरू करने की बात कही। साथ ही योजना को और अधिक सफल बनाने के लिए हनी बी फार्मिंग जैसे सहायक विकल्पों को भी मिशन से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित संबंधित विभागों एवं जनपदों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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