

झारखंड-छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को दिया हर मदद का भरोसा
देहरादून/पीपलकोटी। उत्तराखंड में जब भी कोई आपदा या संकट की घड़ी आती है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद धरातल पर उतरकर मोर्चा संभाल लेते हैं। गुरुवार देर रात भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में मलबा और पानी भरने की खबर आते ही मुख्यमंत्री सीधे राज्य आपदा परिचालन केंद्र (देहरादून) पहुँचे और खुद पूरे राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभाल ली।
मुख्यमंत्री ने देर रात आपदा परिचालन केंद्र में मौजूद रहकर चमोली जिला प्रशासन, SDRF, NDRF, ITBP, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों के उच्च अधिकारियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरंग में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ताजा जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त टनल में कुल 22 व्यक्ति फंसे हुए थे। राहत बचाव टीमों की त्वरित कार्रवाई से अब तक 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे बातचीत की, उनका हाल-चाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनके इलाज से लेकर पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
शासन के निर्देशों के क्रम में कैबिनेट एवं चमोली जिले के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी खुद तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और धरातल पर चल रहे राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। घटनास्थल पर जिलाधिकारी गौरव कुमार भी खुद मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारी और डिप्टी CMO से फोन पर बात कर घायलों के तत्काल सर्वोत्तम उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इलाज में कोई कमी न रहे और यदि आवश्यकता पड़े तो गंभीर रूप से घायलों को हेलीकॉप्टर के जरिए एम्स या अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाए।

झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से की वार्ता
सुरंग में फंसे मजदूरों में अन्य राज्यों के श्रमिक भी शामिल हैं। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से दूरभाष पर वार्ता की।
उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराते हुए आश्वस्त किया कि उनके इलाज, भोजन, आवास और सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था की जा रही है।
सीएम ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और जब तक अंतिम व्यक्ति सुरक्षित बाहर नहीं आ जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान पूरी ताकत और समन्वय के साथ जारी रहेगा।
आपदा परिचालन केंद्र में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव विनोद कुमार सुमन सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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