दस साल के भूमि घोटालों की CBI जांच हो’, कांग्रेस ने खोला मोर्चा, राज्यपाल से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य में पिछले दस वर्षों के भूमि आवंटनों, सरकारी भूमि के हस्तांतरण, भूमि उपयोग परिवर्तन और विभिन्न भूमि घोटालों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे सीमित भौगोलिक संसाधनों वाले पर्वतीय राज्य में भूमि और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

गोदियाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में भूमि संबंधी कई प्रकरणों ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। वर्ष 2025 में हरिद्वार नगर निगम की भूमि खरीद मामले की जांच में अनियमितताओं की पुष्टि और अधिकारियों पर कार्रवाई इसी का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न जनपदों में निजी व्यक्तियों और सरकारी विभागों के नाम दर्ज बहुमूल्य भूमि के खुर्द-बुर्द, नियमों के विपरीत हस्तांतरण और निजी हितों के लिए उपयोग के मामले सामने आए हैं। मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र की भूमि आवंटन, डाकपत्थर में जल विद्युत निगम की लगभग 180 एकड़ भूमि हस्तांतरण और नैनीताल के रामगढ़ क्षेत्र में सरकारी भूमि निजी हाथों में सौंपे जाने के आरोप व्यापक रूप से उठे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने यूआईडीबी के “लैंड बैंक” पर भी सवाल उठाए। राजस्व, पर्यटन, उद्यान, कृषि, सिडकुल और ऊर्जा निगमों की भूमि एकत्र कर भविष्य में निजी हितों के लिए उपयोग की आशंका से जनता चिंतित है। प्रतापनगर सहित टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और अन्य जनपदों में चरागाह और सामुदायिक भूमि को बचाने के लिए ग्रामीण समुदाय संघर्ष कर रहे हैं।

कांग्रेस की 5 बड़ी मांगें

  1. पिछले दस वर्षों के सभी प्रमुख भूमि आवंटन, खरीद-फरोख्त, हस्तांतरण और भूमि उपयोग परिवर्तन की उच्चस्तरीय जांच।
  2. विभागीय भूमि हस्तांतरण और निजी संस्थाओं को आवंटन की समीक्षा के लिए स्वतंत्र जांच आयोग गठित हो।
  3. सरकारी भूमि पर नियम-विरुद्ध कब्जों और संदिग्ध हस्तांतरणों की पहचान कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई।
  4. जांच पूरी होने तक विवादित भूमि आवंटन और हस्तांतरण पर रोक।
  5. सामुदायिक, पंचायती और चरागाह भूमि के संरक्षण के लिए स्पष्ट और कठोर नीति।

गोदियाल ने कहा कि समय रहते निष्पक्ष जांच न हुई तो राज्य को भूमि संकट, पर्यावरणीय असंतुलन और सामाजिक असंतोष झेलना पड़ेगा। प्रदेश कांग्रेस शीघ्र ही महामहिम राज्यपाल से भेंट कर हस्तक्षेप और भूमि संसाधनों की सुरक्षा की मांग करेगी। “प्रदेश कांग्रेस उत्तराखंड की जल, जंगल और जमीन से समझौता नहीं होने देगी”।

प्रदर्शन में राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक काजी निजामुउद्दीन, फुरकान अहमद, लखपत बुटोला, बिरेन्द्र जाति, महामंत्री राजेन्द्र भणरी, उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, महामंत्री गोदावरी थापली, राजेन्द्र शाह, पूर्व विधायक राजकुमार, गरिमा महरा दसौनी, राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, जिलाध्यक्ष, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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