पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने हरीश पनेरू की गिरफ्तारी पर साधा निशाना
हल्द्वानी: मदरसन कंपनी के श्रमिक अपने हक और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन जिस तरह कांग्रेस नेता हरीश पनेरू को श्रमिकों की समस्याएं सुनने जाते समय काठगोदाम पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया, वह बेहद चिंताजनक है।
पनेरू की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और श्रमिकों में रोष है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि श्रमिकों की आवाज को दबाने का प्रयास है। सत्ता में बैठे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकारें स्थायी नहीं होतीं, लेकिन जनता की आवाज हमेशा कायम रहती है।
पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष महार ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि श्रमिकों की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकारें स्थायी नहीं होतीं, लेकिन जनता की आवाज हमेशा कायम रहती है।
महार ने आरोप लगाया कि प्रशासन भाजपा के इशारों पर लोकतंत्र का गला घोंट रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि आज जो दमन किया जा रहा है, उसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से जरूर मिलेगा। आने वाले समय में जब सरकार बदलेगी, तो हर अन्याय का हिसाब भी लिया जाएगा।
वहीं, पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के प्रदर्शन स्थल पर जाने और शांति भंग करने की आशंका के चलते कानूनी कार्रवाई की गई। हालांकि, विपक्षी दल इस तर्क को खारिज करते हुए इसे सत्ता की दमनकारी मानसिकता करार दे रहे हैं। फिलहाल, हरीश पनेरू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मदरसन कंपनी के श्रमिकों का प्रदर्शन जारी है।

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