गृहमंत्री अमित शाह ने किया ‘अभद्र भाषण’ का प्रयोग – कांग्रेस

धीरेंद्र प्रताप बोले- उत्तराखंड की एक करोड़ जनता से माफी मांगो

देहरादून: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान दिए गए एक भाषण ने अब राजनीतिक घमासान को और तेज कर दिया है। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने गृहमंत्री शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी सभा में उत्तराखंड और यहां की जनता के लिए अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है।

धीरेंद्र प्रताप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृहमंत्री शाह के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र के गृहमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के लिए यह बेहद शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है।

धीरेंद्र प्रताप ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने अपने भाषण में उत्तराखंडियों को ललकारा और ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन्हें दोहराना भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “जिस तरह से अमित शाह ने घटिया और अवांछनीय शब्दों का इस्तेमाल किया है, उसकी जितनी निंदा की जाए, वह कम है। यह किसी गृहमंत्री की शोभा नहीं देता।”

पूर्व प्रवक्ता ने कहा कि उत्तराखंड सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि एक पहचान है। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड अपनी शिष्टता, अपनी विशिष्ट संस्कृति, अपने संघर्ष और देश की सीमाओं पर खून बहाने वाले वीरों की धरती के लिए जाना जाता है। यह राज्य देश का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र भी है और पूरे भारत में इसकी अलग साख है। ऐसी पवित्र धरती और यहां की जनता के लिए अमित शाह द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर हमारी मर्यादा और अस्मिता का अपमान है।”

धीरेंद्र प्रताप ने गुस्से में कहा कि यह केवल जुबान फिसलना नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि अमित शाह को उत्तराखंड की एक करोड़ जनता के सामने तुरंत माफी मांगनी चाहिए। उनके अलावा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन को भी इस मामले में सफाई देनी चाहिए और पार्टी की ओर से भी माफी मांगी जानी चाहिए।

गृहमंत्री के कथित बयान और उसके बाद धीरेंद्र प्रताप के इस हमले से उत्तराखंड का राजनीतिक पारा एक बार फिर गर्मा गया है। कांग्रेस नेता ने इसे उत्तराखंड के लोगों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गृहमंत्री ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो आम कार्यकर्ता और जनता पर क्या बीतेगी।

इस पूरे घटनाक्रम पर अब भाजपा की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले घंटों में यह मामला और गर्माएगा और दोनों दल आमने-सामने होंगे।

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