मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट की रखी आधारशिला
भारत का सबसे अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर संयंत्र में अल्ट्रा एज (ह्वद्यह्लह्म्ड्ड द्गस्रद्दद्ग) टेक्नोलॉजी से बनेगी चिप
*पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स ने की छत्तीसगढ़ में 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश की घोषणा*
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आरएनएस)। इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से चार्ज करने और 5जी नेटवर्क के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला गैलियम नाइट्राइड सेमीकंडक्टर का निर्माण अब छत्तीसगढ़ में होगा। छत्तीसगढ़ ने आज तकनीकी विकास की दिशा में एक नया इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में देश के पहले अल्ट्रा एज (ह्वद्यह्लह्म्ड्ड द्गद्दस्रद्ग) टेक्नोलॉजी आधारित गैलियम नाइट्राइड (त्रड्डहृ) आधारित सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र की आधारशिला रखी। यह परियोजना न केवल राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारत को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है। इस मौके पर पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर ईश्वरा राव नंदम ने छत्तीसगढ़ में 10 हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि अप्रैल- मई 2026 से प्लांट से उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह हमारे प्रदेश के लिए गर्व और प्रगति का ऐतिहासिक क्षण है। सेमीकंडक्टर प्लांट की स्थापना केवल एक उद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल हमारे युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। करीब 1,143 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाला यह अत्याधुनिक संयंत्र चेन्नई की पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स की ओर से स्थापित किया जा रहा है। यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से 5 नैनोमीटर और 3 नैनोमीटर की एडवांस चिप्स तैयार करेगा। गौरतलब है कि गैलियम नाइट्राइड तकनीक को वर्तमान वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में गेमचेंजर माना जा रहा है। यह तकनीक तेज़, टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल है, जो 5त्र, 6त्र मोबाइल नेटवर्क, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा एनालिटिक्स, रक्षा क्षेत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों के लिए बेहद जरूरी है। अब तक भारत को इस तरह की चिप्स विदेशों से आयात करनी पड़ती थीं, लेकिन अब छत्तीसगढ़ में इनका उत्पादन होने से देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिलेगी। इस परियोजना से विदेशी निवेश (स्नष्ठढ्ढ) को भी गति मिलेगी। कंपनी का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक हर साल 10 अरब चिप्स का निर्माण किया जाए। इस परियोजना से छत्तीसगढ़ में हज़ारों लोगों को प्रत्यक्ष और लाखों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजग़ार मिलने की संभावना है।
इसका सबसे बड़ा सामाजिक प्रभाव बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दिखेगा, जहां युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर इस आधुनिक उद्योग से जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार ने ‘श्वड्डह्यद्ग शद्घ ष्ठशद्बठ्ठद्द क्चह्वह्यद्बठ्ठद्गह्यह्य’ के साथ-साथ ‘स्श्चद्गद्गस्र शद्घ ष्ठशद्बठ्ठद्द क्चह्वह्यद्बठ्ठद्गह्यह्य’ पर भी जोर देते हुए इस यूनिट की स्थापना में किसी भी अड़चन को रोकने के लिए तेजी से कार्रवाई की। छत्तीसगढ़ सरकार ने दिसंबर 2024 में नई दिल्ली में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ के दौरान पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। अब शिलान्यास समारोह के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार 1143 करोड़ रुपये के निवेश से राज्य की पहली उन्नत सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना के लिए तैयार है। उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कंपनी को नवा रायपुर के सेक्टर 5 में 45 दिनों से भी कम समय में टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से भूमि आवंटित की गई और 25 दिनों से कम में लीज डीड का पंजीकरण पूरा कर लिया गया।
देश का पहला अल्ट्रा-एज टेक्नोलॉजी आधारित गैलियम नाइट्राइड सेमीकंडक्टर संयंत्र छत्तीसगढ़ में
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