रामद्रोहियों के घड़ियाली आंसू, रामभक्तों की आस्था सर्वोपरि: भट्ट

सनातनी एकजुटता को देखकर हिंदू आस्था को चोट पहुंचा रहे विपक्षी

देहरादून । भाजपा ने राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े प्रकरण में अब तक हुई त्वरित कार्रवाई को न्यायसंगत बताया है। पार्टी का मानना है कि प्रारंभिक दौर से विरोध पर उतरा विपक्ष सनातन की एकजुटता को चोट पहुँचाना चाहता है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस मामले पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को ‘घड़ियाली आंसू’ करार दिया है। वहीं तीखा पलटवार करते हुए कहा कि रामद्रोही विपक्ष का मकसद केवल हिन्दू आस्था को चोट पहुंचाना है ताकि सनातनी एकजुट न हो सकें।

मीडिया द्वारा पूछे सवालों पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हमेशा राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और जिनकी चलती तो वे कभी भव्य राम मंदिर बनने ही नहीं देते, आज वह सुचिता की बात कर रहे हैं। विपक्ष तो केवल बाबरी मस्जिद की शान में कसीदे पढ़ने में व्यस्त रहता था। विपक्ष का चरित्र हमेशा से राम विरोधी और राम द्रोही रहा है, इसलिए उनके आरोपों और नजरिए की भाजपा को कोई परवाह नहीं है। हमे और हमारी सरकारों के लिए प्रभु राम के मंदिर की प्रतिष्ठा और रामभक्तों की आस्था एवं विश्वास का महत्व है।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कार्रवाई की रफ्तार ही नियत साफ होने का प्रमाण है। उन्होंने विपक्ष के राजनीतिक पाखंड को बेनकाब करते हुए कहा कि सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सीएम योगी द्वारा निर्धारित अवधि से 3 दिन पहले ही एसआईटी रिपोर्ट सामने आई। 48 घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई। 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई। इसी क्रम में तत्काल प्रभाव से संबंधित पद से इस्तीफे भी सामने आ गए हैं। जांच की यह गति दर्शाती है कि भाजपा सरकार सनातन धर्म की पवित्रता और जन-आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाली नहीं है। उन्होंने निशाना साधा कि कांग्रेस और विपक्ष के लिए यह केवल राजनीति का सवाल है लेकिन भाजपा के लिए आस्था का प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समूचे विपक्ष के लिए प्रभु श्री राम और मंदिर केवल राजनीति का मुद्दा रहे हैं। जब पहले उन्हें मंदिर निर्माण के विरोध में राजनीतिक लाभ नजर आया, तो उन्होंने सालों तक मंदिर बनने नहीं दिया। अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के कारण वे आज तक रामलला के दर्शन करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। आज जब मंदिर में चोरी के इस दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण में उन्हें भ्रम और झूठ फैलाने का फायदा दिख रहा है, तो वे फिर से सक्रिय हो गए हैं। इनका मुख्य मकसद केवल और केवल हिंदू आस्था को चोट पहुंचाना है, ताकि सनातनी समाज राम द्रोहियों के खिलाफ कभी एकजुट न हो सके।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए यह सनातनी आस्था, मान-बिंदुओं और अटूट विश्वास का प्रश्न है। इसी सनातनी विश्वास की रक्षा के लिए हमारी सरकार पूरी निष्पक्षता और कठोरता के साथ जांच प्रक्रिया और कार्रवाई को अंजाम दे रही है। लिहाजा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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