

ऋषिकेश। नेत्रदान जागरूकता पखवाड़े के अंतर्गत एम्स ऋषिकेश के नेत्र विज्ञान विभाग और ऋषिकेश आई बैंक ने समाज तक नेत्रदान का महत्व पहुँचाने के मकसद से एक साइक्लोथॉन रैली का आयोजन किया। इस पहल का लक्ष्य कॉर्नियल अंधत्व से जूझ रहे लोगों की आँखों में रोशनी लाने के लिए आमजन को नेत्रदान के प्रति आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
रैली को एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान को महादान कहा जाना उचित है, क्योंकि इससे मरणोपरांत कोई भी व्यक्ति किसी ज़रूरतमंद की आँखों में रोशनी ला सकता है। उन्होंने इसे बेहद अनमोल और किसी दूसरे इंसान को जीवनसाथ का सबसे बड़ा उपहार बताया।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सत्य श्री बालीजा, नेत्र विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रो. संजीव मित्तल और ऋषिकेश नेत्र बैंक की डॉ. नीति गुप्ता समेत संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्यों, पैरामेडिकल, नर्सिंग, सुरक्षा और अन्य विभागीय कर्मचारियों ने भाग लिया।
रैली में 75 से अधिक साइकिल सवार उत्साह के साथ जुड़े। प्रतिभागियों ने अपनी साइकिल रैली के ज़रिये आम जनता को यह संदेश दिया कि मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लेकर किसी ज़रूरतमंद के जीवन में दृष्टि का बहुमूल्य उपहार दिया जा सकता है। इस अवसर पर ऋषिकेश आई बैंक की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें महिपाल चौहान, बिन्दिया भाटिया, संदीप गुसाईं, आलोक सिंह और पवन सिंह रहे। साथ ही ऋषिकेश के विभिन्न साइक्लिंग क्लबों, रेड राइडर्स, ब्लू राइडर्स के सदस्यों तथा सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल नारंग और लॉयंस क्लब ऋषिकेश के सदस्यों ने भी रैली में शामिल होकर इस जागरूकता अभियान को समर्थन दिया।

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