देहरादून महायोजना-2041 : जीआरडी यूनिवर्सिटी में उमड़े लोग, दिए भविष्य के दून के सुझाव

राजपुर रोड के नागरिकों-भू-स्वामियों ने दर्ज कराईं आपत्तियां, एमडीडीए की भागीदारी की अपील

देहरादून। देहरादून महायोजना-2041 को लेकर मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण का जनसंवाद अभियान मंगलवार को जीआरडी यूनिवर्सिटी, राजपुर रोड पहुंचा तो सभागार नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से गुलजार रहा। स्थानीय निवासियों, संस्थाओं, भू-स्वामियों और कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों ने शहर के भविष्य की रूपरेखा पर अपने सुझावों की पोटली खोली—किसी ने बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पार्किंग संकट का हवाला दिया, तो किसी ने बरसात में जलभराव, बेहतर जल निकासी और सड़क सुरक्षा की जरूरत पर जोर रखा। हरित पट्टियों की रक्षा, सार्वजनिक परिवहन की विश्वसनीयता और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग जैसी मांगें बार-बार उभरती रहीं। प्राधिकरण की टीम ने सारे बिंदुओं को विधिवत दर्ज करते हुए आश्वस्त किया कि हर सुझाव विशेषज्ञों की कसौटी पर परखा जाएगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित महायोजना महज भूमि-उपयोग परिवर्तन का खाका नहीं है; यह आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत और औद्योगिक ज़ोनों के संतुलित विकास के साथ पर्यावरणीय संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का व्यापक खाका पेश करती है। शहर की बदलती ज़रूरतों और आबादी में तेज़ी को देखते हुए एमडीडीए क्षेत्रवार संवाद कर रहा है, ताकि योजना कागज़ से ज़मीन तक व्यावहारिक और जनहितकारी बन सके। राजपुर रोड और निकटवर्ती इलाकों से आए प्रतिभागियों ने अनियोजित निर्माण, पार्किंग की कमी और यातायात प्रबंधन की चुनौतियों को जमीनी अनुभवों के साथ रखा, वहीं संस्थागत प्रतिनिधियों और भू-स्वामियों ने भूमि-उपयोग से जुड़ी आपत्तियां और सुझाव दिए जिनके तकनीकी व विधिक परीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महायोजना-2041 राजधानी के दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करेगी और लक्ष्य ऐसा संतुलन साधना है जहां विकास के साथ पर्यावरण, यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाएं और शहरी विस्तार एक साथ कदम मिलाकर चलें। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भरोसा दिया कि जनसुनवाई पूरी पारदर्शिता से संचालित हो रही है और हर अभिमत का सुव्यवस्थित रिकार्ड रखकर विशेषज्ञ मूल्यांकन कराया जाएगा, ताकि देहरादून के लिए टिकाऊ और समावेशी विकास की बुनियाद रखी जा सके।

छह जुलाई से शुरू हुआ यह जनसंवाद 21 जुलाई तक अलग-अलग सेक्टरों में चलेगा। अगला शिविर बुधवार को लीची बाग, 4 न्यू कैंट रोड, दिलाराम चौक में प्रस्तावित है, जहां प्राधिकरण ने स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं, व्यावसायिक संगठनों और भू-स्वामियों से अधिकाधिक उपस्थिति की अपील की है, ताकि महायोजना सचमुच जनभागीदारी की कसौटी पर खरी उतर सके।

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