

देहरादून। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साइबर टीम ने बताया कि साइबर ठगों के विरुद्ध कार्रवाई जारी है और प्रतिदिन मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक कंट्रोल रूम 1930 के माध्यम से की गई समन्वित कार्रवाई से कुल 21.85 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि साइबर अपराध पीड़ितों के लिए सुरक्षित रखवाई जा चुकी है।
एसटीएफ प्रमुख ने निर्देश दिए हैं कि साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसी तर्ज पर एसटीएफ के 1930 राष्ट्रीय वित्तीय हेल्पलाइन कंट्रोल रूम ने अगस्त 2026 में कई मामलों में त्वरित कार्रवाई कराकर ग्राही खातों की धनराशि होल्ड करवाई।
अगस्त माह में की गई प्रमुख कार्रवाइयाँ (मुख्य विवरण)
- 03-08-2026: चमोली के नंदप्रयाग निवासी जसपाल सिंह की ऑनलाइन ठगी ₹60,000 की शिकायत पर 1930 टीम ने तत्काल हस्तक्षेप कर ₹60,000 होल्ड करवाए।
- 03-08-2026: हरिद्वार के बुगगवाला निवासी नितिन कुमार की ₹1,30,127 की शिकायत पर ₹91,207 होल्ड किए गए।
- 06-08-2026: नैनीताल के रामनगर निवासी सुलैमान की ₹3,66,165.23 की शिकायत पर पूरी राशि ₹3,66,165.23 होल्ड कराई गई।
- 06-08-2026: देहरादून कैंट निवासी देवेन्द्र कुमार की ₹1,00,000 की शिकायत पर ₹1,00,000 होल्ड।
- 06-08-2026: हरिद्वार के कनखल निवासी आनंद चौधरी की ₹3,54,000 की शिकायत पर ₹3,54,000 होल्ड।
- 06-08-2026: हरिद्वार के लकसर निवासी शिमभू दयाल शर्मा की ₹2,15,240 की शिकायत पर ₹1,25,310 होल्ड।
- 07-08-2026: देहरादून के रायपुर निवासी देवपाल की डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड की ₹21,00,000 शिकायत पर ₹16,36,835.70 होल्ड कराये गये।
- 10-08-2026: देहरादून के विष्णु दत्त खण्डूरी की ₹4,00,000 शिकायत पर ₹2,10,744.15 होल्ड।
- 10-08-2026: पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर निवासी रौनक की ₹71,999 शिकायत पर ₹70,949.10 होल्ड।
- 10-08-2026: पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार निवासी वीरेंद्र मेहरा की ₹8,55,990.70 शिकायत पर ₹85,599.07 होल्ड।
- 11-08-2026: गोपेश्वर के ज्योति बर्थवाल की ₹60,000 शिकायत पर ₹58,343.71 होल्ड।
- 11-08-2026: अल्मोड़ा के कोतवाली अल्मोड़ा निवासी मुकेश लाल की स्टॉक मार्केट निवेश फ्रॉड की ₹17,04,046 शिकायत पर संबंधित नोडल अधिकारी व I4C से समन्वय कर ₹15,96,000 होल्ड कराई गई।
एसटीएफ ने कहा कि उपरोक्त मामलों में 1930 कंट्रोल रूम की सतर्कता व त्वरित बैंक-नोडल समन्वय से पीड़ितों की भारी धनराशि बचाई जा सकी। साथ ही एसटीएफ की टीम बैंक खातों को फ्रीज कराने, नोडल अधिकारियों तथा I4C से समन्वय के माध्यम से और विवेचनात्मक कदम उठा रही है।
एसटीएफ की चेतावनी व जनता को निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड ने सार्वजनिक तौर पर आग्रह किया है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, OTP, PIN या UPI PIN किसी से साझा न करें। बैंक खाता किराये/कमीशन पर देना अपराध है। अज्ञात स्रोत से प्राप्त धनराशि मिलने पर तुरंत बैंक व पुलिस को सूचित करें। अंजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल पर बात न करें और कोई भी संवेदनशील दस्तावेज या जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस, CBI, ED आदि का अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी दे तो घबराएँ नहीं — कोई भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती।
अंत में, आम जनता से अपील की गई है कि फर्जी वेबसाइटों, शॉर्ट‑कट निवेश और “त्वरित उच्च लाभ” के लालच से सावधान रहें और जांच‑पड़ताल के बिना गूगल पर मिले कस्टमर केयर नंबरों पर कॉल न करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करायें।

Recent Comments